भिलाई में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी का एक मामला सामने आया

Chhattisgarh Crimesभिलाई में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी का एक मामला सामने आया है। इसमें आरोपी चलती कार को ‘मोबाइल सट्टा ऑफिस’ बनाकर शहरभर में घूम-घूमकर दांव लगवा रहे थे।

30 अप्रैल को मिली सूचना के आधार पर इस मामले का पर्दाफाश हुआ। पुलिस को जानकारी मिली थी कि कुछ युवक कार में घूमकर आईपीएल मैच, विशेष रूप से रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) और गुजरात टाइटंस के बीच चल रहे मुकाबले पर मोबाइल के जरिए ऑनलाइन सट्टा खिला रहे हैं।

छावनी थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर त्वरित कार्रवाई की। बैकुंठधाम गेट के पास गौरव पथ रोड किनारे घेराबंदी कर दो युवकों को रंगे हाथों पकड़ा गया।

30 अप्रैल की रात छावनी थाने को मुखबिर से सूचना मिली थी। इसमें बताया गया कि एक हुंडई वेन्यू कार (CG 04 QC 2624) में सवार कुछ युवक नेहरू नगर, सुपेला चौक और पावर हाउस जैसे इलाकों में घूमकर RCB और गुजरात टाइटंस के मैच पर ऑनलाइन सट्टा चला रहे हैं। यह भी जानकारी दी गई कि वाहन बैकुंठधाम गेट के पास खड़ा है।

सूचना मिलते ही पुलिस ने एक टीम गठित की और तत्काल रेड की योजना बनाई। गवाहों को साथ लेकर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और संदिग्ध वाहन को घेरकर कार्रवाई शुरू की।

पुलिस ने कार में बैठे पवन कुमार यादव (23 वर्ष, निवासी कैंप-2 भिलाई) और मयंक गणवीर (23 वर्ष, निवासी रिसाली) को पकड़ा। तलाशी के दौरान उनके पास से महंगे मोबाइल फोन बरामद हुए। इन फोनों में क्रिकेट सट्टे से जुड़े चैट और लेन-देन के सबूत मिले हैं।

मोबाइल में खुला सट्टे का पूरा खेल

पुलिस जांच में आरोपियों के मोबाइल फोन अहम सबूत साबित हुए। व्हाट्सएप चैट में क्रिकेट सट्टे के लेन-देन, खिलाड़ियों के नाम, दांव की रकम और हार-जीत का पूरा रिकॉर्ड मिला। आरोपी मैच के दौरान ग्राहकों से संपर्क कर उन्हें ऑनलाइन दांव लगाने के लिए उकसाते थे और वहीं से रकम का हिसाब-किताब रखते थे।

पुलिस ने आरोपियों के पास से आईफोन 15 प्रो, आईफोन 14 प्रो, ओप्पो और वीवो कंपनी के मोबाइल फोन सहित एक कार जब्त की है। कुल जब्त संपत्ति की कीमत करीब 5.02 लाख रुपए आंकी गई है।

‘फेयर प्ले 74’ आईडी से चलता था नेटवर्क

पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे “फेयर प्ले 74” नाम की ऑनलाइन आईडी के जरिए सट्टा संचालित करते थे। यह आईडी उन्हें ‘वेनम उर्फ हिमांशु’ और ‘संकेत’ नाम के व्यक्तियों द्वारा उपलब्ध कराई गई थी।

इतना ही नहीं, यह नेटवर्क सिर्फ भिलाई तक सीमित नहीं था। आरोपी अहमदाबाद और अन्य शहरों से जुड़े साथियों के साथ मिलकर बड़े स्तर पर सट्टा संचालित कर रहे थे। इसमें सोनू, नील, आकु, नियाज, नमन गुप्ता और आयुष यादव जैसे अन्य लोगों की भी संलिप्तता सामने आई है।

व्हाट्सएप बना हिसाब-किताब का जरिया

सट्टे के पूरे नेटवर्क का संचालन व्हाट्सएप के जरिए किया जा रहा था। आरोपी ग्राहकों से संपर्क, दांव की पुष्टि और भुगतान का हिसाब इसी प्लेटफॉर्म पर रखते थे। दिलचस्प बात यह है कि पैसे का लेन-देन और रिकॉर्ड रखने के बाद आरोपी चैट डिलीट कर देते थे, ताकि पुलिस को कोई सबूत न मिले।

हालांकि इस बार उनकी चालाकी काम नहीं आई और पुलिस ने समय रहते उन्हें पकड़ लिया।

कानूनी शिकंजा: जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज

आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 7 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111 के तहत अपराध दर्ज किया गया है। दोनों आरोपियों को 1 मई की तड़के 2:20 और 2:30 बजे विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस ने मौके पर ही कार्रवाई को कानूनी रूप दिया और पूरे मामले को जांच में लिया गया है। साथ ही जब्ती और गिरफ्तारी की सूचना न्यायालय को भेज दी गई है।

पुलिस की सख्ती जारी, और खुलासों की उम्मीद

छावनी पुलिस का कहना है कि इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। फरार आरोपियों की तलाश जारी है और नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

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