
*भीख मांँग कर परिवार के भरण पोषण करने के लिए हुआ मजबूर*।
*असली हकदार सिस्टम के* *सामने हुआ* *फेलवर,जिला के कलेक्टर* *से पेंशन दिलाने दृष्टि बाधित जयराम ने लगाई गुहार*।
*पूरन मेश्राम/मैनपुर*।विकासखंड मुख्यालय मैनपुर राजापड़ाव क्षेत्र
के ग्राम पंचायत कोकड़ी के आश्रित ग्राम बरगांँव में निवास रत 100% दृष्टि बाधित दिव्यांग जयराम मंडावी पिता कोलू राम मंडावी जाति गोड़ उम्र लगभग 55 वर्ष अपने पत्नी सहित चार बच्चों का बडी़ मुश्किल से भूमिहीन होने के बावजूद भी भीख मांँग कर पालन पोषण करने को मजबूर है।वास्तविकता में असली हकदार को शासकीय योजनाओं का लाभ उनके दशा और दिशा बदलने में कितना कारगर होता है,इनसे समझा जा सकता है।अगर योजनाओं का लाभ सिस्टम के लाचारी के कारण मिलना बंद हो जाए तो वही लोग जानते हैं जो असली हकदार हैं। जीवन यापन के लिए इसके पत्नि के नाम से राशन कार्ड जिसमें 35 किलो चावल चना,नमक शक्कर का लाभ मिल रहा है। बाकी गुजर बसर के लिए साप्ताहिक बाजारों में भीख मांँग कर अपने परिवार के पालन पोषण करने के लिए मजबूर है। दृष्टि बाधित दिव्यांग जयराम को हाथों हाथ ग्राम पंचायत के माध्यम से पेंशन दिया जा रहा था जब से बैंकिंग व्यवस्था हुआ है।
तब से पेंशन मिलने में अड़ंगा आ गया है।
नियमानुसार पी एन बी बैंक मैनपुर वाले कहते हैं।
आधार लिंक और केवाईसी करवाना पड़ेगा लेकिन इनका तो आधार कार्ड ही नहीं बन पाया। आधार कार्ड बनवाने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों के माध्यम से ग्राम पंचायत,विकासखंड मुख्यालय से लेकर जिला मुख्यालय गरियाबंद तक गया लेकिन दुर्भाग्य है।100% दृष्टि बाधित होने के कारण रिजेक्ट हो गया। ऐसा भी नहीं है कि इनका पेंशन बैंक में जमा नहीं हो रहा है, जमा तो हो रहा है। लेकिन आधार लिंक और केवाईसी नहीं होने के कारण पेंशन नहीं मिल पा रहा है। बातचीत के दौरान दृष्टि बाधित जयराम मंडावी ने कहा कि मैं मेरे पूरे परिवार का भरण पोषण करने के लिए दोनों आंख नहीं दिखने के बावजूद भी भीख मांग कर छोटे-छोटे बच्चों का पालन पोषण करने के लिए मजबूर हूंँ।
मेरे पत्नी के नाम से प्रधानमंत्री आवास भी मिला है। मुझे पेंशन हाथों हाथ दिया जा रहा था जब से बैंकिंग व्यवस्था हुआ तो नियमानुसार सिस्टम के तहत मेरा आधार कार्ड नहीं बन पाया। मेरे द्वारा कई बार प्रयास भी किया गया लेकिन प्रयास निरर्थक ही रहा। बताओ मैं क्या करूं मुझे पेंशन मिलना चाहिए।
मैं असली हकदार हूंँ।
जिला के कलेक्टर एवं संबंधित विभाग के अधिकारी कर्मचारियों से निवेदन है मेरा पेंशन मिले ऐसा तत्काल पहल करने का कार्य किया जाए ताकि मुझे दृष्टिबाधित होने पर पेंशन से वंचित का मलाल ना हो। इस संबंध में पंचायत इंस्पेक्टर राजकुमार ध्रुवा से चर्चा करने पर बताया कि पहले आंख का ऑप्शन आधार कार्ड बनाने के लिए अनिवार्य किया गया था। लेकिन वर्तमान में अंगूठा का ऑप्शन भी दिया गया है। बशर्ते उसके पास रीजनल परिचय पत्र का होना जरूरी है। मैनपुर के चॉइस सेंटर में इनका आधार कार्ड बने और बहुत जल्द पेंशन की राशि मिले इस दिशा में सार्थक प्रयास किया जाएगा।