
बता दें कि पिछले 15 दिन प्रदेश में यह चौथा अफीम का खेत मिला है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक्स पर पोस्ट कर भाजपा सरकार पर अफीम की खेती को सरंक्षण देने का आरोप लगाया है। 15 दिन में चौथा मामला
बता दें कि प्रदेश में पिछले 15 दिनों में अफीम की खेती पकड़ाने का यह चौथा मामला है। इससे पहले 7 मार्च को दुर्ग में अफीम की खेती पकड़ाई थी। 10 मार्च को बलरामपुर के कुसमी में और 12 मार्च को बलरामपुर के कोरंधा में अफीम की खेती मिली थी। भूपेश बघेल बोले- भाजपा सरकार दे रही सरंक्षण
रायगढ़ में अफीम की खेती पकड़ाने पर पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि भाजपा सरकार के संरक्षण में प्रदेश भर में हो रही अफ़ीम की खेती का पर्दाफ़ाश जारी है। अब रायगढ़ के तमनार थाना क्षेत्र के आमाघाट में अफ़ीम की खेती पकड़ी गई है।
जिस तरीक़े से प्रदेश में सूखे नशे के कारोबार को अंजाम दिया जा रहा है, यह घातक है। मुख्यमंत्री और गृहमंत्री की चुप्पी बताती है कि इस खेल का असली “सरगना” कौन है। 10-12 सालों से हो रही थी खेती
बताया जा रहा है कि, आरोपी मार्शल सांगा झारखंड से आ कर अपने ससुराल रायगढ़ के तमनार में रहने लगा। वह पिछले 10-12 साल से यहां खेती कर रहा था। झारखंड में अफीम की खेती उसके साथी कर रहे हैं और उसी को देख कर उसने यहां खेती करना शुरू किया। हालांकि इसकी जांच अभी जारी है।
पहला मामला- दुर्ग में BJP नेता कर रहा था अफीम की खेती
दुर्ग जिले के समोदा में भाजपा नेता विनायक ताम्रकर (पूर्व किसान मोर्चा अध्यक्ष दुर्ग) पिछले 5 साल से अफीम की अवैध खेती कर रहा था। ग्राम समोदा और झेनझरी के बीच स्थित फार्महाउस में करीब 5 एकड़ 62 डिसमिल क्षेत्र में उसने फसल लगवाई थी। 7 मार्च को यह अवैध खेती पकड़ी गई और उसके खेत से 7.88 करोड़ रुपए के अफीम के पौधे जब्त किए गए थे। भाजपा नेता समेत 3 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।