अंबिकापुर के गंगापुर में मेडिकल कॉलेज के लिए आबंटित 7 एकड़ जमीन पर सालों से चले आ रहे अवैध कब्जे को हटाने के लिए मंगलवार को प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी

Chhattisgarh Crimesअंबिकापुर के गंगापुर में मेडिकल कॉलेज के लिए आबंटित 7 एकड़ जमीन पर सालों से चले आ रहे अवैध कब्जे को हटाने के लिए मंगलवार को प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी। इस दौरान 37 मकानों को तोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई है। सुबह प्रशासनिक अमला बुलडोजर के साथ मौके पर पहुंचा तो आक्रोशित लोगों ने विरोध करते हुए पथराव किया। लोग बुलडोजर के सामने खड़े हो गए और मकान न तोड़े जाने की गुहार लगाते रहे। इस दौरान महिलाएं अपने घरों के बाहर खड़ी होकर रोती और हाथ जोड़तीं नजर आईं।

 

हालात को देखते हुए मौके पर मौजूद महिला पुलिसकर्मियों ने हाथ पकड़कर हटाया, जिसके बाद मकानों को ढहाने की कार्रवाई शुरू की गई। बताया जा रहा है कि नोटिस देने के बावजूद कब्जाधारी मकान खाली नहीं कर रहे थे। जानिए क्या है पूरा मामला ?

 

जानकारी के मुताबिक गंगापुर क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज के लिए चिन्हित 7 एकड़ भूमि पर 37 लोगों का कब्जा था, जो लंबे समय से यहां मकान बनाकर रह रहे थे। एक सप्ताह पहले ही कब्जाधारियों को जमीन खाली करने का अंतिम नोटिस जारी किया गया था।

 

मंगलवार (24 मार्च) को अंबिकापुर एसडीएम फागेश सिन्हा, तहसीलदार उमेश बाज के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम और नगर निगम की टीम कार्रवाई के लिए पहुंची। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर एएसपी अमोलक सिंह के साथ भारी पुलिस बल भी सुबह से ही मौके पर तैनात रहा।

 

कब्जाधारियों ने किया पथराव, कार्रवाई का विरोध

 

अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम को लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। इस दौरान कुछ लोगों ने जेसीबी और टीम पर पथराव कर दिया, जिससे जेसीबी का फ्रंट मिरर टूट गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल ने हस्तक्षेप करते हुए कब्जाधारियों को बुलडोजर के सामने से हटाया।

 

इसके बाद प्रशासन ने अवैध मकानों को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की। कार्रवाई से पहले कब्जाधारियों को अपना सामान बाहर निकालने के लिए समय दिया गया, जिसके बाद मकानों को ध्वस्त किया जाने लगा। हाईकोर्ट से राहत नहीं, शुरू हुआ बुलडोजर एक्शन

 

अंबिकापुर एसडीएम फागेश सिन्हा ने बताया कि 37 कब्जाधारियों को बेदखली का नोटिस साल 2000 में ही जारी किया गया था। इसके विरोध में कब्जाधारी कोर्ट चले गए थे। हाईकोर्ट ने मामले की फिरसे सुनवाई के निर्देश दिए थे।

 

दोबारा सुनवाई के बाद साल 2025 में सभी कब्जाधारियों के खिलाफ बेदखली का आदेश जारी कर दिया गया। करीब एक साल पहले 2025 में प्रशासन ने सभी 37 कब्जाधारियों को फिर से बेदखली का नोटिस दिया, जिस पर वे दोबारा हाईकोर्ट पहुंचे।

 

हालांकि, इस बार हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने एक सप्ताह पहले सभी को अंतिम नोटिस जारी किया था।

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