
इसके चलते दोनों पति-पत्नी के बीच आए दिन विवाद होता था। इसी विवाद की वजह से उसने घर का दरवाजा अंदर से बंद कर दिया। फिर पत्नी के ऊपर मिट्टी तेल डालकर उसे आग के हवाले कर दिया।
तालाब में कूदकर जान बचाने की कोशिश
इस दौरान बुरी तरह झुलसी लता ने घर के पास स्थित तालाब में कूदकर अपनी जान बचाने की कोशिश की। जिसके बाद उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में उसने कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के सामने उसने अपने पति के खिलाफ बयान दर्ज कराया।
उसने बताया कि, पति ने उसके ऊपर मिट्टी तेल डालकर आग लगाई है। इस बीच करीब 21 दिनों तक चले इलाज के बाद 9 दिसंबर 2019 को ‘सेप्टिक शॉक’ के कारण उसकी मौत हो गई थी। ट्रॉयल कोर्ट ने दी उम्रकैद, पति ने हाईकोर्ट में की अपील
पुलिस ने जांच और महिला के बयान के आधार पर आरोपी पति संतोष श्रीवास के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया। उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। पुलिस ने चार्जशीट पेश किया, तब ट्रॉयल के दौरान पति को हत्या का दोषी पाया गया। जिस पर निचली अदालत ने पति को उम्रकैद की सजा सुनाई। इस फैसले के खिलाफ उसने हाईकोर्ट में अपील की थी।
इस मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने आरोपी की दलीलों को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि, मौत से पहले दिया गया बयान विश्वसनीय है, तो बिना किसी अन्य गवाह के भी सजा दी जा सकती है।
डॉक्टर ने भी पुष्टि की थी कि बयान देते समय पीड़िता मानसिक रूप से फिट थी। इसके अलावा पड़ोसियों सावित्री बाई और सुशीला बाई ने पीड़िता को जलती हुई हालत में घर से बाहर निकलते और तालाब में कूदते देखा था।