
जांच में यह भी सामने आया है कि मास्टरमाइंड मेडिकल के फिल्ड में बतौर मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) का काम शुरू किया था। करीब 13 सालों तक इस फिल्ड में रहा। इसके बाद नगपुरा में इसने मेडिकल स्टोर्स खोल लिया और गुजरात से ऑनलाइन सिरप मंगवाता था।
वहीं दुर्ग का रहने वाला अमन दुबे भी फरार है, उसका लोकेशन इंदौर बता रहा है। पुलिस उसकी भी तलाश में जुटी हुई है। फर्जी ड्रग लाइसेंस से मंगवाता था दवाई
पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी योगेश शर्मा फर्जी ड्रग लाइसेंस का इस्तेमाल कर प्रतिबंधित CADIFOS-T सिरप मंगवा रहा था। उसने एक असली लाइसेंस में एडिटिंग कर अपने नाम से नकली लाइसेंस तैयार कराया था।
इसके साथ ही फर्जी लेटरपैड और सील बनवाकर गुजरात की कंपनियों से ऑनलाइन और ई-कुरियर के जरिए सिरप मंगवाता था। गुजरात के गांधी नगर से यह सिरप आ रहा था और इसे यहां लोकल लोगों को बेचने के लिए सप्लाई करता था। 60 की सिरप को 150 से 200 रुपए में बेचता था
बताया जा रहा है कि यह सिरप ऑनलाइन करीब 60 से 65 रुपए में मंगवाता था। इसके बाद इसे प्रति शीशी 150 से 200 रुपए की बेचता था। इसे वो अलग-अलग जगह पर अपने नेटवर्क के लोगों को कार के माध्यम से सप्लाई करता था।
इस तरह यह लगभग 7 बार बड़ी मात्रा में इन नशीली सिरप को खपा चुका था। आठवीं बार पुलिस को इसकी भनक लगी और पुलिस ने कार्रवाई करते हुए योगेश शर्मा समेत उसके तीन साथियों को गिरफ्तार कर लिया।
7 कार्टून में भरे हुए नशीली सिरप पुलिस ने किया जब्त
7 कार्टून में भरी प्रतिबंधित CADIFOS-T सिरप नशीली सिरप को पुलिस ने जब्त कर लिया है। इस संगठित गिरोह से जुड़े कुछ लोगो की तलाश में पुलिस जुट गई है। बताया जा रहा है कि दंतेवाड़ा में भी पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से 800 नग नशीली सिरप, कार, मोबाइल और नकदी समेत करीब 5 लाख रुपए का सामान जब्त किया है। इसमें सेंट्रों कार क्रमांक CG-07/8595 भी शामिल है।