
राजधानी रायपुर से लगे तिल्दा नेवरा क्षेत्र में बिजली पोल से वायर चोरी करने वाले संगठित गिरोह का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस सिंडिकेट के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी सुनियोजित तरीके से लाइन शॉर्ट कर बिजली पोल तोड़ते और वायर चोरी कर फरार हो जाते थे। आरोपियों का नाम पुलिस द्वारा देव प्रसाद पारधी, मनमोहन नारंग, हेमलाल धृतलहरे और पंकज कुमार टंडन बताया जा रहा है। आरोपियों से आगे की कार्रवाई पुलिस कर रही है। तिल्दा नेवरा पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार चोरी की घटना ग्राम कोनारी से हुई थी। जहां किसानों के कृषि पंप कनेक्शन के लिए लगाए गए बिजली पोल को अज्ञात चोरों ने तोड़कर एल्यूमिनियम वायर काट लिए थे। इस घटना की शिकायत कनिष्ठ यंत्री अनिल कुमार वर्मा ने थाना तिल्दा नेवरा में दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस टीम ने गांव के लोगों से पूछताछ की, घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले और मुखबिरों को सक्रिय किया। इसी बीच खरोरा निवासी देव प्रसाद पारधी पर संदेह हुआ। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें शुरुआत में वह गुमराह करता रहा, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपने साथियों मनमोहन नारंग, हेमलाल धृतलहरे और पंकज टंडन के साथ मिलकर चोरी की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। पांच घटना की थी आरोपियों ने
डीएसपी वीरेंद्र चतुर्वेदी ने बताया, कि पूछताछ में आरोपियों ने तिल्दा नेवरा और खरोरा क्षेत्र में कुल 5 घटनाओं को अंजाम दिया था। आरोपियों की निशानदेही पर 5500 मीटर एल्यूमिनियम वायर, केबल वायर, व्ही क्रॉस एंगल, एल्यूमिनियम कटर मशीन, एक ओमनी कार और एक दोपहिया वाहन जब्त किया है।
जब्त सामान की कुल कीमत करीब 7 लाख रुपए आंकी गई है। पुलिस के अनुसार, सभी आरोपी आदतन अपराधी हैं और पहले भी विभिन्न मामलों में जेल जा चुके हैं।