
इसके बाद पुलिस ने उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। मोबाइल भी जब्त, नेटवर्क खंगाल रही पुलिस
पुलिस ने इस कार्रवाई में 8 मोबाइल, 9 हजार 810 रुपए कैश, सट्टे का हिसाब-किताब लिखी पॉकेट डायरी और डॉट पेन जब्त किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 89 हजार 810 रुपए बताई गई है। चारों आरोपियों के पास से अलग-अलग कंपनियों के मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।
पुलिस का कहना है कि, आरोपी संगठित तरीके से आईपीएल मैचों पर ऑनलाइन सट्टा चला रहे थे और इसके जरिए आर्थिक फायदा कमा रहे थे। मामले में अभी भी जांच जारी है और पुलिस को इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी मिली है।
जानिए क्या था पूरा मामला
पुलिस के मुताबिक ऋषभ नगर दुर्ग में रहने वाला विकास जैन आईपीएल मैचों में मोबाइल फोन और ऑनलाइन ऐप के जरिए हार-जीत का दांव लगवाकर सट्टा चला रहा है। उस समय चेन्नई और दिल्ली के बीच आईपीएल मैच खेला जा रहा था। सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर कार्रवाई की। रेड के दौरान पुलिस ने मौके से तीन लोगों को ऑनलाइन सट्टा चलाते हुए पकड़ा। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम विकास जैन, रौनक ताम्रकार और प्रवीण ताम्रकार बताए। पुलिस ने इनके कब्जे से मोबाइल फोन, पॉकेट डायरी, नगदी रकम और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से जुड़े दस्तावेज जब्त किए थे।
इनकी भी हो चुकी है गिरफ्तारी
गिरफ्तार आरोपियों में विकास जैन, रौनक ताम्रकार, प्रवीण ताम्रकार, अक्षत बोहरे, मोहम्मद आदिल, मोहम्मद अय्युब और प्रकाश सोनी शामिल हैं। सभी आरोपी दुर्ग शहर के अलग-अलग इलाकों के रहने वाले हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि ऑनलाइन सट्टे का नेटवर्क कितने बड़े स्तर पर संचालित किया जा रहा था।