
कंपनी ने लखनपुर में मार्केटिंग के लिए कार्यक्रम आयोजित किया था, जिसमें बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारी और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े लोग शामिल हुए थे। पति-पत्नी ने निजी कंपनी का किया प्रचार
कार्यक्रम में RHO सोयबर सिंह और उनकी पत्नी प्रियंका सिंह कंपनी के लिए बैलेंस कोच के रूप में मार्केटिंग करते हुए कंपनी के प्रोडक्ट के फायदे बताते हुए लोगों को बैलेंस कोच बनने के लिए प्रेरित कर रहे थे।
RHO सोयबर सिंह ने मार्केटिंग कार्यक्रम में कहा कि कोरोना के दौरान काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मचारियों को एक फूल भी नहीं मिला, लेकिन बैंलेस कोच बनने के बाद लाखों का पैकेज और विदेशों का टूर मिलता है।
सोयाबर सिंह लुंड्रा ब्लॉक के सखौली हॉस्पिटल में बतौर रीजनल हेल्थ आफिसर पोस्टेड हैं, उनकी पत्नी प्रियंका सिंह भी स्वास्थ्य विभाग की नर्स हैं। दोनों ने स्वास्थ्य विभाग के लोगो का इस्तेमाल भी वीडियो में किया।
दोनों ने पिछले माह कंपनी से की गई कमाई भी प्रोजेक्टेड वीडियो में दिखाई जो एक लाख रुपए से अधिक है। जांच के बाद हुई कार्रवाई
मामले में जेडी हेल्थ डॉ. अनिल शुक्ला ने सीएमएचओ को जांच के निर्देश दिए थे। सीएमएचओ की जांच में आरएचओ और उसकी पत्नी के निजी वेलनेस कंपनी का प्रचार करने की पुष्टि हुई। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद जेडी हेल्थ ने आरएसओ स्वयंबर सिंह को सस्पेंड कर दिया। वहीं, स्टाफ नर्स प्रियंका सिंह को नोटिस जारी किया गया है।