
स्थानीय लोगों का दावा है कि, कर्मचारियों ने उन्हें बताया कि यह कार्रवाई “कैनाल रोड 2.0” योजना के तहत सड़क चौड़ीकरण के लिए की जा रही है। इसके बाद से इलाके में डर का माहौल है। रहवासियों ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि उनके घर बचेंगे या टूटेंगे। कई परिवार दशकों से यहां रह रहे हैं। लोगों का कहना है कि उनका बचपन इसी इलाके में बीता और अब अचानक सर्वे के बाद बेघर होने का डर सताने लगा है।
मेयर से भी नहीं मिला स्पष्ट जवाब
स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि वे महापौर से भी मिल चुके हैं, लेकिन उन्हें स्पष्ट जवाब नहीं मिला। डर और अनिश्चितता की वजह से कई लोग काम पर भी नहीं जा पा रहे हैं। लोगों ने कहा कि कभी घर के सामने का हिस्सा नापा जा रहा है तो कभी घर के अंदर घुसकर मापी की जा रही है। इससे पूरे इलाके में दहशत जैसी स्थिति बन गई है।
मामले में नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने लोगों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि किसी को बेघर नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोगों के घर बचाने के लिए जो भी लड़ाई लड़नी पड़ेगी, वह लड़ी जाएगी।