तेंदुए का आतंक 24 घंटे में 2 बच्चों पर हमला, इलाके में दहशत

लोकेश्वर सिन्हा, गरियाबंद : गरियाबंद जिले में तेंदुए की लगातार बढ़ती गतिविधियों ने ग्रामीणों की चिंता और भय बढ़ा दिया है। बीते 24 घंटे के भीतर दो अलग-अलग घटनाओं में बच्चों पर तेंदुए के हमले की खबर सामने आई है। ताजा घटना पटोरा इलाके की है, जहां एक 5 वर्षीय मासूम बच्ची को तेंदुआ घर के आंगन से उठाकर ले जाने की कोशिश कर रहा था। परिजनों की बहादुरी और त्वरित प्रतिक्रिया से बच्ची की जान बच गई।
जानकारी के अनुसार, पटोरा क्षेत्र में शाम के समय 5 साल की मासूम बच्ची कोनिका अपने घर के आंगन में मौजूद थी। इसी दौरान अचानक एक तेंदुआ गांव में घुस आया और बच्ची पर हमला कर उसे उठाकर ले जाने लगा। बच्ची की चीख सुनते ही उनके माता-पिता बिना अपनी जान की परवाह किए तेंदुए के पीछे दौड़ पड़े।
परिजनों ने शोर मचाया और साहस दिखाते हुए तेंदुए का पीछा किया। ग्रामीणों के अनुसार लोगों की आवाज और दबाव देखकर तेंदुआ घबरा गया और कुछ दूरी पर बच्ची को छोड़कर जंगल की ओर भाग निकला। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
हमले में घायल बच्ची को तत्काल गरियाबंद जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर कर दिया गया।
यह घटना इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि इससे महज एक दिन पहले पटोरा से कुछ दूरी पर स्थित चट्टान पारा में भी तेंदुए ने एक 10 वर्षीय बच्चे पर हमला कर उसे उठाने की कोशिश की थी। हालांकि उस घटना में भी ग्रामीणों की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया।
ग्रामीणों का दावा है कि दोनों घटनाओं में एक ही तेंदुआ शामिल हो सकता है। लगातार दो हमलों के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। शाम होते ही लोग बच्चों को घरों के अंदर रखने लगे हैं और गांव में बाहर निकलने से बच रहे हैं।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है। विभाग की ओर से इलाके में निगरानी बढ़ाई जा रही है और तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने की बात कही जा रही है। वहीं ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द तेंदुए को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए ताकि किसी बड़ी घटना को रोका जा सके।
फिलहाल पूरे क्षेत्र में भय Lmao माहौल बना हुआ है और लोग वन विभाग की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।