
एम्बुलेंस जब भफौली के पास पहुंची, तभी महिला को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एम्बुलेंस में मौजूद महिला ईएमटी ने तत्काल मोर्चा संभाला और एम्बुलेंस को ही अस्थायी प्रसव कक्ष में बदल दिया। महिला ईएमटी की देखरेख में कुछ ही देर में महिला ने एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया। सफल प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा दोनों को आवश्यक प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराई गई।
मेडिकल कॉलेज में भर्ती, दोनों स्वस्थ
आगे के उपचार और निगरानी के लिए मां और नवजात को अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों के अनुसार, दोनों पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ हैं।
संकट की घड़ी में बनी जीवनरक्षक सेवा
इस घटना ने 108 एम्बुलेंस सेवा की महत्वपूर्ण भूमिका को एक बार फिर उजागर किया है। यह सेवा केवल मरीजों को अस्पताल पहुंचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की बदौलत आपात स्थिति में जीवन बचाने का भी कर रही है।
परिजनों ने जताया आभार
सफल प्रसव के बाद परिजनों ने महिला ईएमटी और 108 एम्बुलेंस टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनकी तत्परता और सेवा भावना की सराहना की।