128 गांँवों ने भरी हुंकार,वन विभाग के खिलाफ भयंकर आक्रोश

पावती पर टीप लिखना पड़ा भारी, रेंजर के खिलाफ F.I.R. की तैयारी, करका के ग्रामीण 5000 एकड़ जंगल बचाने का लिया संकल्प।

Chhattisgarh Crimesपूरन मेश्राम/मैनपुर/नगरी। सीतानदी उदंती टाइगर रिजर्व के गाँव करका मे 17 सितम्बर दिन गुरूवार को जल जंगल जमीन बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले 128 गांँव पारा टोला के हजारों आदिवासी मुखिया,गायता,पटेल,झाँकर एकजुट हुए।

बाबा साहब अंबेडकर की पूजा के साथ शुरू हुई इस महा बैठक ने शासन प्रशासन को सीधा संदेश दे दिया।

अब विस्थापन नहीं, विकास चाहिए

*क्या है पूरा मामला*

पावती पर टीप से भड़का जन आक्रोश

जल जंगल जमीन बचाओ संघर्ष समिति को ग्राम सभा करका के ग्रामीणों द्वारा विस्थापन एवं जल जंगल जमीन से संबंधित समस्याओं पर समाधान के लिए आवेदन दिया गया था। तत्परांत वन विभाग के साथ गांँव में बैठक आयोजित कर समाधान की दिशा में पहल करने के लिए वन विभाग को बैठक में बुलाया था। आरोप है कि वन परिक्षेत्र अधिकारी अरसीकन्हार ने आवेदन पर ही लिख दिया उच्च अधिकारियों से बात करो समिति के मुखियाओं ने एक स्वर में कहा अपने अफसरों को बताना हमारा काम है या रेंजर का ये घोर अपमान है ग्राम सभा का।

1996 से काबिज, फिर भी अतिक्रमणकारी

ग्रामीणों ने सनसनीखेज खुलासा किया हम 1996 से उक्त जमीन पर खेती कर रहे हैं। वन विभाग ने 2000 में झूठा P.O.R. कोर्ट केस बना दिया। हम 4 साल कोर्ट के चक्कर काटे, जेल गए, फिर दोषमुक्त हुए। अब फिर वही जमीन को अतिक्रमण बताकर जेल भेजने की धमकी दी जा रही है।

ग्रामीणों ने बताया कि वन विभाग ने कहा है गांँव से विस्थापित हो या जेल जाने की तैयारी करो।

रेंजर मैडम गाली देती है वीडियो मौजूद अब होगी

एफ आई आर

बैठक में सबसे बड़ा बम फूटा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि महिला रेंजर गांँव में आकर अमर्यादित और गाली गलौज भरी भाषा का प्रयोग करती हैं। ग्रामीणों ने कहा उसका वीडियो हमारे पास है।सर्व मुखियाओं ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए ऐलान किया आगामी गुरुवार को खल्लारी थाना में रेंजर के खिलाफ F.I.R. दर्ज कराई जाएगी।

5000 एकड़ का जंगल हमारा,हम ही रक्षक।

ग्राम करका को मिले लगभग 5000 एकड़ सामुदायिक वन संसाधन (CFR) पट्टे का हवाला देते हुए अध्यक्ष सिरधन सोम ने कहा हम जंगल काटने वाले नहीं, 5000 एकड़ जंगल बचाने वाले हैं।

संरक्षक मनोज साक्षी ने चेतावनी दी वन विभाग PESA और ग्राम सभा को नहीं मानेगा तो संघर्ष और तेज होगा।

संरक्षक लोकेश्वरी नेताम ने हुंकार भरी जंगल में जानवर भी रहेगा,इंसान भी रहेगा। हमें स्कूल, सड़क,अस्पताल चाहिए। हमारे बच्चों को बारिश में नदी पार करके स्कूल जाना पड़ता है,इसका जवाब कौन देगा।

बैठक को टीकम नागवंशी अर्जुन सिंह नायक एवं प्रताप मरकाम ने भी संबोधित किया। बैठक खत्म होते ही डिप्टी रेंजर और फारेस्ट गार्ड मौके पर पहुंँचे, जिन्हें समिति ने सम्मान पूर्वक सम्मानित करते हुए जो सार्थक बातचीत होगी उन्हें विभागीय उच्च अधिकारियों तक पहुंँचाने का आग्रह किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन पूरन मेश्राम ने किया।

इस ऐतिहासिक बैठक में सिरधन सोम, मनोज साक्षी, लोकेश्वरी नेताम, ईश्वरी नेताम, रेवा प्रसाद देवदास, पूरन मेश्राम, प्रताप मरकाम,टीकम नागवंशी, करण नाग, अर्जुन सिंह नायक, धनेश राम मरकाम, हिम्मत राम नेताम,

पंचम कश्यप, आसूलाल मरकाम, जितेंद्र मरकाम, लोकेश मरकाम, रमेश मरकाम, दिनेश नेताम,

दिवस नेताम, बासु राम मरकाम, मोतीराम मरकाम, नेमूचंद मरकाम, श्यामलाल नेताम,चरण सिंह नेताम, सियाबती नेताम,बिरजाबाई मरकाम,ललिता बाई मरकाम,वेद बाई नेताम, गायत्री बाई नेताम,लताबाई मरकाम,दसरी बाई नेताम सहित हजारों लोग मौजूद रहे।

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