
परिजनों का कहना है कि घटना के बाद से बच्ची डरी हुई है। वह ठीक से खाना-पीना नहीं कर रही और रात में सोने में भी परेशानी हो रही है। मामले को लेकर पालकों और ग्रामीणों में नाराजगी है। वहीं, शिक्षक ने भी गुस्से में बच्ची को थप्पड़ मारने की बात स्वीकार करते हुए अपनी गलती मानी है।
इधर, मामले में जिला शिक्षा अधिकारी राजेश चंद्राकर ने 3 सदस्यी जांच टीम बनाई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई जाएगी। मामला फिंगेश्वर ब्लॉक ग्राम भेंडरी सरकारी प्राइमरी स्कूल का है।
घटना 7 अक्टूबर की बताई जा रही है। ग्राम भेंडरी की प्राथमिक शाला में पढ़ने वाली 8 साल की छात्रा साधना रोज की तरह स्कूल गई थी। इसी दौरान टीचर भागचंद चतुर्वेदी ने उससे गणित का सवाल पूछा। बच्ची सवाल का जवाब नहीं दे पाई तो शिक्षक ने गुस्से में उसके गाल और कान के पास थप्पड़ मार दिए। बच्ची के मुताबिक, शिक्षक ने उसे कई थप्पड़ मारे। घटना के बाद से वह डरी-सहमी है।
छात्रा के पिता वेदव्यास ने बताया कि घटना के बाद से उनकी बेटी काफी डरी हुई है। वह ठीक से खाना-पीना नहीं कर रही है और रात में सोने में भी परेशानी हो रही है। पिता ने संबंधित शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि स्कूल में बच्चों को पढ़ाने और समझाने के बजाय उनके साथ मारपीट करना गलत है।
शिक्षक ने मानी गलती, बोले- दोबारा ऐसा नहीं होगा
शिक्षक भागचंद चतुर्वेदी ने बताया कि उन्होंने बच्ची से गणित का सवाल पूछा था। वह बार-बार समझाने के बाद भी सवाल नहीं समझ पाई, तो उन्होंने गुस्से में उसे एक-दो थप्पड़ मार दिए। शिक्षक ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी और भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा नहीं होगी।
ग्रामीण बोले- पहले भी बच्चों की पिटाई कर चुके हैं शिक्षक
ग्रामीण श्यामगिरि गोस्वामी ने आरोप लगाया कि संबंधित शिक्षक पहले भी स्कूली बच्चों की पिटाई कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह पहली घटना नहीं है और मामले में कार्रवाई होनी चाहिए।
वहीं, पूर्व सरपंच थानेश साहू ने भी बच्ची के साथ मारपीट की निंदा की है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
DEO ने बनाई 3 सदस्य जांच टीम
इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी राजेश चंद्राकर ने जांच के लिए तीन सदस्य टीम बनाई है, जिसमें 3 प्रिंसिपल को शामिल किया गया है। जांच कमेटी को 3 दिनों के अंदर रिपोर्ट पेश करना होगा। DEO का कहना है कि जांच रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।