
समारोह में समाज के सामाजिक एवं आर्थिक विकास, बच्चों की शिक्षा तथा समाज को संगठित रखने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। उपस्थित समाज प्रमुखों ने सभी लोगों से शिक्षित बनने, सामाजिक एकता बनाए रखने और समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
विस्थापन एवं पुनर्वास के मुद्दे पर हुई चर्चा
कार्यक्रम में उदंती-सीतानदी क्षेत्र में प्रस्तावित विस्थापन एवं पुनर्वास को लेकर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि यह क्षेत्र संविधान की पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत आता है, जहां पेसा कानून लागू है। ऐसे में ग्रामसभा के अधिकारों और सहमति के महत्व को समझना आवश्यक है।
वक्ताओं ने उदंती-सीतानदी क्षेत्र के लोगों के विस्थापन से संबंधित चर्चाओं पर चिंता जताते हुए समाज के लोगों से संगठित रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए तथा विस्थापन एवं पुनर्वास से जुड़े मामलों में सामूहिक रूप से अपनी बात रखनी चाहिए।
समाज प्रमुख एवं सगा जन रहे उपस्थित
कार्यक्रम में सभापति कन्हैयालाल ठाकुर, उपसभापति प्रेमसाय जगत तथा अध्यक्षता कर रहे गुजरात सिंह कमलेश सहित 13 सर्कल के अध्यक्ष एवं समाज के अनेक प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे।
इसके अलावा खेदुराम नेगी, टीकम कपिल, गौकरण ध्रुवा, भुनेश्वर नेगी, भरतसाय ध्रुवा, नरेश मांझी, केजुराम नागेश, छबीराम दीवान, भुखन सिंह नेताम, पवन सिंह ठाकुर, गुमान सिंह नेताम, पवन दीवान, सोहनलाल नागेश, प्रताप मरकाम, गोपीराम नेताम, सेवाराम नेताम, मकरम नेताम, बलीराम नागेश, धनसाय नागेश, धनीराम मरकाम, भागीराम मरकाम, सोनूराम ध्रुवा, लोकेश नागेश, शुभाष मरकाम, सोमारू राम नेताम एवं भानुराम मांझी सहित 13 सर्कल के सगा जन शामिल हुए।
कार्यक्रम का संचालन सुखराम नागेश, रामेश्वर कपिल एवं महेंद्र फरस ने किया। समारोह में सामाजिक एकता, शिक्षा, आर्थिक विकास और क्षेत्रीय अधिकारों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया।