
श्री भूरिया ने आगे कहा केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों की मुख्य नजर बेशकीमती वन संपदा और खनिज संपदा पर टिकी हुई है उन्हें यहां के आम नागरिकों, किसानों, युवाओं, छात्रों या मजदूरों के हितों से कोई लेना-देना नहीं है उन्होंने छत्तीसगढ़ के विष्णुदेव साय सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सरकार केवल बैनर-पोस्टर और प्रचार-प्रसार तक सीमित है धरातल पर सरकारी योजनाओं का कोई लाभ जनता तक नहीं पहुंच रहा है। आदिवासी अंचलों की बदहाली का जिक्र करते हुए भूरिया ने कहा कि आज आदिवासी क्षेत्रों के अस्पतालों में डॉक्टर नहीं हैं, स्कूलों में शिक्षक नही हैं और रोजगार के कोई अवसर नहीं बचे हैं पढ़े-लिखे युवा रोजगार मांग-मांगकर थक चुके हैं, लेकिन डबल इंजन की सरकार युवाओं को रोजगार देने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आज डबल इंजन हवा में इधर-उधर भाग रहा है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया ने चिंता जताते हुए कहा छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री आदिवासी है, लेकिन विडंबना देखिए कि आज इसी आदिवासी क्षेत्र के लोग रोजगार के अभाव में पलायन करने को मजबूर हैं, लोग भूखमरी और बच्चे कुपोषण का शिकार होकर दम तोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज हम 21वीं सदी के विकसित भारत की बात कर रहे हैं, लेकिन प्रदेश में बच्चे कुपोषण से मर रहे हैं, जो बेहद शर्मनाक है। उन्होने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने पेशा कानून को समाप्त करने मे लगी है और इसके तहत ग्रामसभा को मिलने वाले सबसे बड़े अधिकारों को भी छीन लिया गया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ प्रदेश मे बैगा बच्चों की मौतों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के बच्चों की मौत चिंता का विषय है, लेकिन इसके बावजूद भाजपा सरकार पूरी तरह उदासीन रवैया अपनाए हुए है।
श्री भूरिया ने कहा कि कड़े तेवर दिखाते हुए कहा भाजपा ने पहले वोट चोरी की, पेपर लीक के रूप में पेपर चोरी किए और चंदा चोरी के मामले सामने आ रहे हैं। यह सरकार पूरी तरह वोट चोरी के दम पर बनी हुई है और यह आम जनता की नहीं, बल्कि चुनिंदा बड़े उद्योगपतियों की सरकार है। इस दौरान बिन्द्रानवागढ़ विधायक जनक ध्रुव, ब्लॉक कांग्रेस महामंत्री गेंदु यादव, महामंत्री निहाल नेताम, आदिवासी कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष दुलेन्द्र नेगी, डोमार साहू, लिकेश यादव एवं बड़ी संख्या मे स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।