छत्तीसगढ़ के दुर्ग में डॉक्टर के बंद मकान से करीब 1 करोड़ रुपए की चोरी के मामले में पुलिस ने 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के दुर्ग में डॉक्टर के बंद मकान से करीब 1 करोड़ रुपए की चोरी के मामले में पुलिस ने 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। चोरी की रकम से दिल्ली में सेकंड हैंड कार खरीदी गई, जबकि कुछ सोने के गहने घर के फर्श के नीचे गाड़ दिए गए थे। एक ज्वेलर्स ने चोरी के गहनों को भट्ठी में गलाकर उनका स्वरूप भी बदल दिया था। पुलिस ने 47 लाख 64 हजार रुपए कैश, सोने-चांदी के आभूषण, कार और अन्य सामान समेत करीब 1 करोड़ रुपए की संपत्ति बरामद की है। वारदात का मास्टरमाइंड राहुल बंसोड़ अभी फरार है। जिसकी तलाश में पुलिस टीम जुटी हुई है। मामला वैशाली नगर थाना क्षेत्र के सुंदर नगर का है जानिए क्या है पूरा मामला ?

जानकारी के मुताबिक, डॉक्टर नमिता मित्तल 17 अक्टूबर को परिवार के साथ घर में ताला लगाकर एक सप्ताह के लिए बाहर गई थीं। 23 अक्टूबर की सुबह लौटने पर उन्हें घर की अलमारी में रखी नकदी और सोने-चांदी के साथ डायमंड के आभूषण गायब मिले। चोरी किए गए सामान की कीमत करीब 1 करोड़ रुपए बताई गई।

शिकायत पर वैशाली नगर थाने में केस दर्ज किया गया। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के CCTV फुटेज खंगाले। संदिग्धों की गतिविधियों की जांच के दौरान वैशाली नगर क्षेत्र के राहुल बंसोड़ की भूमिका सामने आई। वारदात के बाद से ही वह फरार था।

उसकी तलाश में पुलिस ने महाराष्ट्र के गोंदिया और नागपुर में दबिश दी। तकनीकी सबूतों और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर आरोपियों की मौजूदगी उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर और भदोही में मिली। इसके बाद पुलिस की टीम उत्तर प्रदेश पहुंची। प्रयागराज-मिर्जापुर के बीच ठिकाने बदल रहा था गिरोह

पुलिस के मुताबिक, आरोपी लगातार प्रयागराज और मिर्जापुर के बीच ठिकाने बदल रहे थे। पुलिस से बचने के लिए गंगा नदी के एक किनारे से दूसरे किनारे तक नाव से आना-जाना कर रहे थे। स्थानीय पुलिस की मदद से अलग-अलग टीमें बनाकर आरोपियों की तलाश की गई।

इस दौरान चोरी में शामिल प्रदीप कुमार चौधरी को गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर उसके हिस्से की नकदी और सोने के आभूषण बरामद किए गए। उसने इन्हें घर के कमरे के फर्श के नीचे गड्ढा खोदकर छिपाया था।

भदोही के ज्वेलर्स ने खरीदे चोरी के गहने

प्रदीप ने पूछताछ में बताया कि उसने अपने हिस्से के सोने के आभूषण भदोही स्थित वैष्णवी ज्वेलर्स के संचालक सोनू जायसवाल को कम कीमत पर बेचे थे। ज्वेलर्स ने कुछ गहनों को अपने घर में रखी भट्ठी में गलाकर उनका स्वरूप बदल दिया था।

जांच में प्रदीप के रिश्तेदार सुजीत सिंह उर्फ बाबू की भूमिका भी सामने आई। उसने चोरी के आभूषणों की बिक्री कराने, माल खपाने और आरोपियों की मदद करने के बदले लाखों रुपए लिए थे।