आम आदमी पार्टी (AAP) में छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष के पद को लेकर किसी एक नाम पर सहमति नहीं बन सकी

आम आदमी पार्टी (AAP) में छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष के पद को लेकर किसी एक नाम पर सहमति नहीं बन सकी है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गोपाल साहू के पद से हटने के बाद पार्टी ने एक की जगह तीन नेताओं को कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है।

बताया जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर पार्टी के भीतर खींचतान की स्थिति बनी हुई थी। कई नामों पर मंथन हुआ, लेकिन किसी एक नाम पर सहमति नहीं बन पाई। इसके बाद केंद्रीय नेतृत्व ने संतुलन साधते हुए उत्तम जायसवाल के साथ देवलाल नरेटी और उत्तम मिश्रा को कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त करने का निर्णय लिया।

संगठन विस्तार का हिस्सा बताया जा रहा फैसला

तीन कार्यकारी प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति को आम आदमी पार्टी खींचतान नहीं, बल्कि संगठन विस्तार की प्रक्रिया बता रही है। पार्टी का कहना है कि यह फैसला केवल पदों की अदला-बदली नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ में लंबी राजनीतिक लड़ाई की तैयारी का हिस्सा है।

जनआंदोलनों और जमीनी सक्रियता पर जोर

पार्टी नेतृत्व का दावा है कि प्रदेशभर में जनमुद्दों को लेकर चल रहे आंदोलनों, बढ़ते जनसंपर्क और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता को देखते हुए केंद्रीय नेतृत्व ने राज्य इकाई को और मजबूत करने का निर्णय लिया है।

पार्टी का कहना है कि उसकी राजनीति का केंद्र आम लोगों की रोजमर्रा की समस्याएं हैं और आने वाले समय में इन मुद्दों पर सरकार के खिलाफ दबाव और बढ़ाया जाएगा।

सियासी गलियारों में बढ़ी हलचल

दो नए कार्यकारी प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति के बाद प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम पार्टी के भीतर संतुलन बनाने और अलग-अलग क्षेत्रों में संगठन को मजबूती देने की रणनीति का हिस्सा है। इससे आगामी चुनावों को लेकर AAP की तैयारियों को भी गति मिलेगी।

सक्रिय और जमीनी नेताओं पर फोकस

बताया जा रहा है कि केंद्रीय नेतृत्व अब साधारण लेकिन सक्रिय और जमीनी नेताओं की भूमिका को और मजबूत करने पर जोर दे रहा है। संगठनात्मक फैसलों से लेकर रणनीति निर्माण तक, जमीनी नेताओं की भागीदारी बढ़ाने के संकेत मिल रहे हैं। इसे AAP की दीर्घकालिक राजनीतिक योजना के तौर पर देखा जा रहा है।

बड़े अभियानों की तैयारी

आम आदमी पार्टी ने संकेत दिए हैं कि आने वाले महीनों में प्रदेशभर में राज्यव्यापी जनसंवाद यात्रा, संगठन विस्तार अभियान और मुद्दा आधारित आंदोलन चलाए जाएंगे। पार्टी का लक्ष्य गांव-गांव और शहर-शहर तक अपनी मौजूदगी मजबूत करना और जनता से सीधे संवाद स्थापित करना है।

पार्टी नेतृत्व का कहना है कि छत्तीसगढ़ की राजनीति अब पुराने ढर्रे से बाहर निकलकर नए विकल्प की ओर बढ़ रही है, और आम आदमी पार्टी इस बदलाव की अगुवाई के लिए पूरी तरह तैयार है।

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