
सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने बताया कि संभागीय आबकारी उड़नदस्ता की टीम शुक्रवार 30 जनवरी की शाम गश्त पर बतौली जा रही थी। रास्ते में बेलकोटा बस स्टॉप पर दो संदिग्ध युवकों को बोरियों के साथ देखा गया। उड़नदस्ता टीम ने गाड़ी रोकी तो वे हड़बड़ाया गए। पूछताछ में एक युवक की पहचान अनूप गुप्ता निवासी गोदरमाना, गढ़वा, झारखंड तथा दूसरे युवक की पहचान विनय गुप्ता निवासी पतराटोली, जिला सरगुजा के रूप में हुई।
बोरों में भरा मिला नशीला इंजेक्शन संभागीय उड़नदस्ता की टीम ने उनके पास रखे बोरे की तलाशी ली तो एक बोरी में 600 नग एविल इंजेक्शन तथा दूसरी बोरी में 600 नग रेक्सोजेसिक इंजेक्शन भरा मिला। नशीले इंजेक्शन को जब्त कर दोनों को हिरासत में लिया गया। जब्त नशीले इंजेक्शन की बाजार में कीमत करीब 6 लाख रुपये बताई गई है।
सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने बताया कि गोदरमाना झारखंड निवासी अनूप गुप्ता का पहले भी नशीला इंजेक्शन सप्लायर के रूप में हमारे सामने आया था परंतु कभी पकड़ में नहीं आ रहा था। आरोपी अनूप गुप्ता झारखंड राज्य का फायदा उठाकर गोदरमाना बॉर्डर में रहकर पूरे सरगुजा संभाग में इंजेक्शन का सप्लाई करता था।
आरोपी अनुप गुप्ता ने पूछताछ में बताया कि उसका जीजा विनय गुप्ता यही बतौली में रहता है। आज वह गढ़वा से माल लेकर आकर अपने जीजा के यहां ही रुका था। उसी के साथ एक ग्राहक को बेलकोटा में इंजेक्शन सप्लाई करने वाला था।
अनूप गुप्ता ने बताया कि गढ़वा के रंजीत विश्वकर्मा, मंजूर अंसारी और प्रमोद जायसवाल के जरिए वह नशीले इंजेक्शन खरीदता था। रंजीत विश्वकर्मा मेन डीलर है। उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
जेल भेजे गए दोनों आरोपी आबकारी उड़नदस्ता ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 22 C के तहत प्रकरण दर्ज किया। दोनों युवकों को शनिवार को विशेष न्यायालय अंबिकापुर में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। कार्रवाई में आबकारी उप निरीक्षक टीआर केहरी की टीम शामिल थी।