
बिलासपुर रेल मंडल के अंतर्गत नई रेल लाइन, दोहरीकरण, तीसरे और चौथे रेल लाइन के काम तेजी से चल रहा है। इसी क्रम में बिलासपुर–झारसुगुड़ा रेल खंड के मध्य लगभग 206 किलोमीटर लंबी विद्युतीकृत चौथी रेल लाइन का निर्माण कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। परियोजना के अंतर्गत कोतरलिया-रायगढ़-किरोड़ीमल नगर-भूपदेवपुर स्टेशन के बीच 26.1 किलोमीटर लंबी विद्युतीकृत नई चौथी लाइन का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है।
CRS की जांच के बाद ट्रॉयल की मिली अनुमति
इंटरलॉकिंग सहित समस्त तकनीकी काम पूरा होने के बाद दक्षिण पूर्व सर्किल के आयुक्त रेलवे सेफ्टी बीके मिश्रा रायगढ़ पहुंचे। गुरुवार को उन्होंने नई चौथी लाइन का परीक्षण किया। शुक्रवार को उन्होंने इस नई चौथी लाइन का निरीक्षण किया।
इस दौरान संबंधित स्टेशनों के केबिन, पैनल रूम, यार्ड, इंटरलॉकिंग व्यवस्था, क्रॉसिंग, प्वाइंट, ओएचई लाइन, ब्रिज, सिग्नलिंग उपकरणों का गहन परीक्षण किया। इसके अतिरिक्त मोटर ट्रॉली के माध्यम से भी निरीक्षण किया गया। शुक्रवार को इस खंड में ओएमएस कोच के साथ हाई-स्पीड ट्रेन चलाकर स्पीड ट्रायल भी किया गया।
बैकुंठ–उरकुरा खंड के बीच चौथी रेल लाइन मंजूर
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत बैकुंठ-उरकुरा खंड 26.40 किलोमीटर के बीच चौथी रेल लाइन के निर्माण को रेल मंत्रालय ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 426.01 करोड़ रुपए है। बिलासपुर–रायपुर–नागपुर मुख्य रेल मार्ग का यह अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो मुंबई–हावड़ा उच्च घनत्व नेटवर्क रूट में है। वर्तमान में इस रेलखंड में तीन लाइन हैं।