साहस और अदम्य इच्छाशक्ति का अद्वितीय उदाहरण पेश करते हुए इंदौर आरटीओ प्रदीप कुमार शर्मा ने विश्व की सबसे दुर्गम पर्वत चोटियों में शामिल माउंट अकोंकागुआ (6,962 मीटर) पर तिरंगा फहराकर इतिहास रच दिया

Chhattisgarh Crimesसाहस और अदम्य इच्छाशक्ति का अद्वितीय उदाहरण पेश करते हुए इंदौर आरटीओ प्रदीप कुमार शर्मा ने विश्व की सबसे दुर्गम पर्वत चोटियों में शामिल माउंट अकोंकागुआ (6,962 मीटर) पर तिरंगा फहराकर इतिहास रच दिया।

अकोंकागुआ को ‘अमेरिका का शिखर’ कहा जाता है और यह विश्व की सबसे ऊंची पर्वत चोटी मानी जाती है। उन्होंने बताया, माइनस 20 डिग्री तापमान और ऑक्सीजन की कमी के बीच हाड़ कंपा देने वाली ठंड में आखिरी दिन लगातार 10.30 घंटे की भीषण चढ़ाई के बाद वे शिखर पर पहु‌ंचे, जहां उन्होंने तिरंगा फहराया और देश को समर्पित यह क्षण इतिहास में दर्ज कर दिया।

उन्होंने जो सपना सच किया, इसके लिए परिवार के सदस्यों की ताकत और प्रेरणा है। इसमें उनकी पत्नी प्रिया शर्मा, बेटी प्रियल और अनविता का काफी सहयोग रहा, जिसकी वजह से यह असंभव को संभव कर दिखाया। आरटीओ प्रदीप शर्मा बिलासपुर (छत्तीसगढ़) के रहने वाले हैं।

शर्मा के साथ इस अभियान में चार सदस्यीय समूह था। दो पर्वतारोही पहले एवरेस्ट फतह कर चुके थे, लेकिन रास्ते में तबीयत बिगड़ने के कारण उन्हें लौटना पड़ा। तीसरे पर्वतारोही ने अंतिम समिट तक साथ दिया, लेकिन शारीरिक समस्या के कारण उन्हें भी बीच से लौटना पड़ा।

यह मेरे लिए एक सपने के सच होने जैसा है: शर्मा आरटीओ शर्मा ने कहा, मैं प्रोफेशनल पर्वतारोही नहीं हूं, लेकिन विशेषज्ञों की सलाह और मार्गदर्शन में यह उपलब्धि हासिल कर सका। माउंट अकोंकागुआ शिखर पर तिरंगा फहराना मेरे जीवन का सबसे भावुक क्षण था। उन्होंने कहा, अगर संकल्प मजबूत हो तो कोई भी ऊंचाई असंभव नहीं हैं।

उपलब्धि

उज्जैन में 10,000 फीट से स्काई डाइविंग। {भोपाल एसबीआई हाफ मैराथन में भागीदारी। { भोपाल से सीहोर तक हॉट एयर बैलून फ्री-फॉल यात्रा। { पैराग्लाइडिंग, पैरामोटर सेलिंग और स्कूबा डाइविंग जैसी गतिविधियां कर चुके हैं।

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