
सभी घायलों का इलाज रामानुजगंज के 100 बिस्तर अस्पताल में जारी है। जानकारी के अनुसार, नल-जल योजना की पानी टंकी की चाबी सरपंच-सचिव की ओर से अरुण बछाड़ के घर में रखवाई गई थी, ताकि समय पर पानी की आपूर्ति की जा सके।
लाठी-डंडा और टांगी से हमला
रविवार को कमल वैध (40) चाबी मांगने अरुण बछाड़ के घर गए थे, लेकिन अरुण ने सरपंच-सचिव से कहने पर ही चाबी देने से इनकार कर दिया। सोमवार सुबह फिर से चाबी मांगने को लेकर विवाद हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया।
आरोप है कि कमल वैध के पुत्र अभिषेक और राजू ने मिलकर पहले अरुण की पत्नी आशा के साथ मारपीट की। इसके बाद लाठी-डंडा और टांगी लेकर घर के अन्य सदस्यों पर हमला कर दिया गया।
आशा सहित सात लोग हुए घायल
इस हमले मेंआशा 35 अरुण (40), मैना (30), भागीरथ (35), राजीव (22), अमित (23) और विश्वजीत (19) सहित कुल सात लोग घायल हो गए। घायलों को तत्काल इलाज के लिए रामानुजगंज अस्पताल में भर्ती कराया गया।
घटना की सूचना रामानुजगंज थाना में दी गई है। थाना प्रभारी अजय साहू ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के बाद दोषियों के विरुद्ध उचित वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।