
कॉन्क्लेव के माध्यम से प्रवासी छत्तीसगढ़ियों को राज्य के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक विकास से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम में निवेश की संभावनाएं, रोजगार सृजन, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, उद्योग और स्टार्टअप विकास जैसे अहम विषयों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। पंजीयन प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।
छत्तीसगढ़ी एनआरआई बाटेंगे अनुभव
आयोजन के दौरान प्रवासी छत्तीसगढ़ियों के अनुभव, विशेषज्ञता और संसाधनों का उपयोग राज्य के विकास में कैसे किया जाए, इस पर मंथन होगा। साथ ही प्रदेश और विदेश में बसे छत्तीसगढ़ी समाज के बीच संवाद को मजबूत करने और सहयोग की नई संभावनाएं तलाशने पर जोर दिया जाएगा। कॉन्क्लेव में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ, उद्यमी, सामाजिक कार्यकर्ता और विशिष्ट अतिथि शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रवासी छत्तीसगढ़ी राज्य की अमूल्य पूंजी हैं। विदेशों में कार्यरत छत्तीसगढ़ी नागरिक अपने ज्ञान, अनुभव और निवेश से प्रदेश के विकास को नई दिशा दे सकते हैं। सरकार चाहती है कि प्रवासी छत्तीसगढ़ी औद्योगिक, शैक्षणिक और सामाजिक विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं।