
मामला हरदीबाजा थाना क्षेत्र का है। मृतक अपने घर का इकलौता बेटा था। वह बीए फर्स्ट ईयर का स्टूडेंट था। लेकिन मां के जाने के बाद उसने पढ़ाई भी छोड़ दी थी। जिला अस्पताल चौकी पुलिस ने वैधानिक कार्रवाई करते हुए शव परिजनों को सौंप दिया है।
मां की मौत के बाद सदमे में गया बेटा
जानकारी के अनुसार, विक्रम की 49 वर्षीय मां सिया बाई बीमार थीं और हाल ही में इलाज के दौरान 10 अक्टूबर 2025 को उनका निधन हो गया था। मां की मौत के बाद से विक्रम सदमे में था और अक्सर गुमसुम रहता था। वह अकेला रहता था और किसी से बात नहीं करता था।
सदमे से उबर नहीं पाया बेटा
विक्रम की मानसिक स्थिति को देखते हुए उसका डॉक्टरी इलाज भी कराया जा रहा था, लेकिन वह मां के सदमे से उबर नहीं पाया। शुक्रवार (6 फरवरी) सुबह उसने चूहामार दवा का सेवन कर लिया। उसे तत्काल जिला मेडिकल अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
इकलौता बेटा था, बीए की पढ़ाई कर रहा था
मृतक के पिता गनपत लाल मनहर ने बताया कि विक्रम उनका इकलौता पुत्र था, जिसकी दो बहनों की शादी हो चुकी है। विक्रम बीए प्रथम वर्ष का छात्र था, लेकिन मां के निधन के बाद से वह कॉलेज भी नहीं जा रहा था और लगातार परेशान रहता था।
जिला अस्पताल चौकी पुलिस ने इस मामले में मृतक के परिजनों के बयान दर्ज कर लिए हैं। आगे की जांच जारी है।