
दरअसल, ग्राम कंचनपुर निवासी मीना चौहान (48) घरघोड़ा-धरमजयगढ़ मार्ग पर होटल संचालित करती हैं। उन्होंने करीब दो साल पहले 16 लाख रुपए में पुराना ट्रेलर खरीदा था। इसमें 4.5 लाख रुपए खुद जमा किए, जबकि बाकी रकम टाटा फाइनेंस से लोन लेकर चुकाई जा रही थी। हर महीने 46,650 रुपए की किस्त भी भर रही थीं।
ट्रेलर के कागजात फेल होने के कारण वाहन होटल के पास खड़ा था। इस दौरान बैसकीमुड़ा लैलूंगा निवासी परमेश्वर चौहान, जो ट्रांसपोर्ट कंपनियों में सुपरवाइजर का काम करता है। होटल आता-जाता था और ट्रेलर के बारे में जानकारी ली।
85 हजार मासिक किराए का लालच
जनवरी में परमेश्वर ने कहा कि वह कागजात बनवाकर ट्रेलर चलवाएगा और हर महीने 85 हजार रुपए किराया देगा। भरोसे में आकर मीना चौहान ने ट्रेलर उसे सौंप दिया।
GPS से खुला राज
20 जनवरी को परमेश्वर के कहने पर उसका साथी लीलाबंर प्रसाद ट्रेलर लेकर चला गया। कुछ दिन बाद परमेश्वर का मोबाइल बंद हो गया। शक होने पर मीना और उनके बेटे ने जीपीएस से लोकेशन ट्रैक की, जिससे पता चला कि वाहन लैलूंगा के कुंजारा इलाके में खड़ा है।
ट्रेलर का डाला गायब, सिर्फ इंजन बचा
मौके पर पहुंचने पर मीना ने देखा कि ट्रेलर का सिर्फ इंजन मौजूद था, जबकि डाला (बॉडी पार्ट) गायब था। पूछताछ में लीलाबंर ने बताया कि 22 जनवरी को डाला बिलासपुर में बेच दिया गया। आरोपी इंजन बेचने के लिए भी ग्राहक तलाश रहे थे। इसके बाद पीड़िता को साफ हो गया कि उसके साथ धोखाधड़ी की गई है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
मीना चौहान की शिकायत पर घरघोड़ा थाना पुलिस ने परमेश्वर चौहान और लीलाबंर प्रसाद के खिलाफ BNS की धाराओं 3(5), 316(2), 316(3) और 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।