रामानुजगंज के रामचंद्रपुर विकासखंड के ग्राम झारा में रहने वाले 65 साल के भगवान दास पिछले सात साल से जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे

Chhattisgarh Crimesरामानुजगंज के रामचंद्रपुर विकासखंड के ग्राम झारा में रहने वाले 65 साल के भगवान दास पिछले सात साल से जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। वे गोड़ जाति से हैं, फिर भी उन्हें अब तक जाति प्रमाण पत्र नहीं मिल सका है। इस वजह से उनका पूरा परिवार अनुसूचित जनजाति के लिए बनी सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहा है।

भगवान दास ने बताया कि उनकी तीन पीढ़ियां ग्राम झारा में निवास कर रही हैं। इसके बावजूद, तहसील कार्यालय ने उनका आवेदन यह कहकर अस्वीकृत कर दिया कि सर्वे-सेटलमेंट उपलब्ध नहीं है। उन्होंने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि वे प्रमाण पत्र के लिए तहसील, पटवारी और अन्य कार्यालयों के बीच भटक रहे हैं।

जाति प्रमाण पत्र न मिलने से परिवार को नहीं मिल पा रहा शासकीय लाभ

जाति प्रमाण पत्र न मिलने का सीधा असर उनके परिवार पर पड़ रहा है। उनके चार बेटों को अनुसूचित जनजाति होने के बावजूद कोई भी शासकीय लाभ नहीं मिल सका है। अब यह समस्या अगली पीढ़ी तक पहुंच गई है, क्योंकि उनके पोते को कॉलेज में पढ़ाई के दौरान छात्रवृत्ति, आरक्षण या अन्य शैक्षणिक सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

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