छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की लापरवाही का मामला सामने आया

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की लापरवाही का मामला सामने आया है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने घरघोड़ा ब्लॉक के महलोई स्थित प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक स्कूल का आकस्मिक निरीक्षण किया। जिसमें दो शिक्षक अनुपस्थित पाए गए। इस पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने दोनों स्कूलों के उपस्थिति रजिस्टर की जांच की। जांच में पाया गया कि, शिक्षक प्रदीप नायक और सुरेश साहू लगातार सीएल (आकस्मिक अवकाश) और निर्वाचन कार्यों का हवाला देकर अनुपस्थित दर्ज थे।

कलेक्टर ने तहसीलदार को निर्देशित किया कि संबंधित तिथियों की जांच कर निर्वाचन प्रशिक्षण/ड्यूटी की वास्तविक स्थिति का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए। साथ ही दोनों शिक्षकों से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश भी दिए गए। मध्यान्ह भोजन में भी लापरवाही बरती गई है। हरी सब्जी की जगह टमाटर की चटनी परोसी गई।

प्रधानपाठक भी नहीं दे सके संतोषजनक जवाब

निरीक्षण के दौरान जब शिक्षकों के अवकाश और शैक्षणिक गतिविधियों के संबंध में जानकारी मांगी गई तो प्रधानपाठक दुल्ली चंदन पटेल स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए शिक्षा विभाग को उनके खिलाफ पत्र जारी कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इसके अलावा, विकासखंड शिक्षा अधिकारी द्वारा नियमित निरीक्षण नहीं करने पर भी कलेक्टर ने असंतोष जाहिर किया।

मध्यान्ह भोजन में भी अनियमितता

निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने मध्यान्ह भोजन में निर्धारित मेन्यू का पालन नहीं होने की शिकायत की। कलेक्टर ने भोजन की गुणवत्ता की जांच की, जिसमें बच्चों के लिए तैयार दाल, चावल और सब्जी का परीक्षण किया गया।

जांच में सामने आया कि तय मेन्यू के अनुरूप भोजन तैयार नहीं किया गया था। हरी सब्जी की जगह केवल टमाटर की चटनी परोसी गई थी। इस पर कलेक्टर ने संबंधित महालक्ष्मी स्व-सहायता समूह के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए और मध्यान्ह भोजन संचालन की जिम्मेदारी किसी अन्य समूह को सौंपने को कहा।

लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी

कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि, शैक्षणिक संस्थानों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिक्षकों की उपस्थिति, शिक्षा की गुणवत्ता और मध्यान्ह भोजन जैसी योजनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।

प्रधानपाठक भी नहीं दे सके संतोषजनक जवाब

निरीक्षण के दौरान जब शिक्षकों के अवकाश और शैक्षणिक गतिविधियों के संबंध में जानकारी मांगी गई तो प्रधानपाठक दुल्ली चंदन पटेल स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए शिक्षा विभाग को उनके खिलाफ पत्र जारी कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इसके अलावा, विकासखंड शिक्षा अधिकारी द्वारा नियमित निरीक्षण नहीं करने पर भी कलेक्टर ने असंतोष जाहिर किया।

मध्यान्ह भोजन में भी अनियमितता

निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने मध्यान्ह भोजन में निर्धारित मेन्यू का पालन नहीं होने की शिकायत की। कलेक्टर ने भोजन की गुणवत्ता की जांच की, जिसमें बच्चों के लिए तैयार दाल, चावल और सब्जी का परीक्षण किया गया।

जांच में सामने आया कि तय मेन्यू के अनुरूप भोजन तैयार नहीं किया गया था। हरी सब्जी की जगह केवल टमाटर की चटनी परोसी गई थी। इस पर कलेक्टर ने संबंधित महालक्ष्मी स्व-सहायता समूह के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए और मध्यान्ह भोजन संचालन की जिम्मेदारी किसी अन्य समूह को सौंपने को कहा।

लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी

कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि, शैक्षणिक संस्थानों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिक्षकों की उपस्थिति, शिक्षा की गुणवत्ता और मध्यान्ह भोजन जैसी योजनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।

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