
इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था, कानून-व्यवस्था की स्थिति और कॉन्फ्रेंस से जुड़ी तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई है। बैठक में पुलिस के सीनियर अधिकारी भी मौजूद रहे। उन्होंने कॉन्फ्रेंस से पहले होने वाली व्यवस्थाओं की समीक्षा की। बैठक में आगामी पुलिस कॉन्फ्रेंस को लेकर कई अहम दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
छत्तीसगढ़ में पहली बार होगा DGP-IGP सम्मेलन
दरअसल छत्तीसगढ़ में पहली बार देशभर के पुलिस महानिदेशक (DGP) और महानिरीक्षक (IG) का सबसे बड़ा मंच होस्ट होने जा रहा है। 28 से 30 नवंबर तक नवा रायपुर स्थित IIM परिसर में 60वां अखिल भारतीय DGP-IGP सम्मेलन होगा।
तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में आंतरिक सुरक्षा के अहम मुद्दों पर गहन मंथन किया जाएगा। उद्घाटन सत्र में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और समापन सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद रहेंगे। छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह का बंगला अस्थाई PMO बनेगा।
इन विषयों पर होगी चर्चा
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सम्मेलन में नक्सलवाद से निपटने की रणनीति, आतंकवाद विरोधी प्रयास, ड्रग्स नियंत्रण, साइबर सुरक्षा, और सीमा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी। खास बात यह है कि इस बार फोकस नक्सल प्रभावित इलाकों, विशेषकर बस्तर पर रहेगा।
हाल के महीनों में राज्य पुलिस और केंद्रीय बलों ने संयुक्त रणनीति के तहत कई बड़ी सफलता हासिल की है। यही वजह है कि बस्तर मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर कैसे मजबूत किया जाए, इस पर भी विचार होगा।
सम्मेलन में तैयार होगी रणनीति
बस्तर में हाल ही के ऑपरेशनों की सफलता को लेकर अधिकारी बताते हैं कि ग्राउंड इंटेलिजेंस, आधुनिक हथियारों और संयुक्त ऑपरेशन के कारण नतीजे प्रभावी रहे हैं। सम्मेलन में आगे की रणनीति का ब्लूप्रिंट भी तैयार होने की उम्मीद है।