
मौसम विभाग के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान राज्य में कहीं भी वर्षा दर्ज नहीं की गई। राज्य में सबसे ज्यादा तापमान राजधानी रायपुर में 34.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान सरगुजा संभाग के अंबिकापुर में 12.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
तापमान सामान्य के आसपास बना हुआ है, लेकिन इसमें उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने बताया कि वर्तमान में दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे लगे भारतीय भूमध्य रेखीय सागर के ऊपर एक निम्न दाब का क्षेत्र बना हुआ है।
यह सिस्टम जमीन से करीब 5.8 किलोमीटर ऊपर स्थित है। उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत तक इसके असर के संकेत मिल रहे हैं। इसके साथ ही ऊपरी स्तर पर पछुआ हवाएं भी बह रही हैं।
पश्चिमी विक्षोभ के चलते हल्का-उतार चढ़ाव संभव
अभी जो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, उसे ऐसे समझ समझिए कि आसमान में बहुत ऊंचाई पर बादलों और हवाओं की एक लंबी नाली बन गई हो। यह नाली जब सक्रिय होती है तो कहीं ठंड बढ़ाती है, कहीं बादल लाती है कहीं-कहीं बारिश का कारण बनती है।
फिलहाल, इसका असर इतना मजबूत नहीं है, इसलिए प्रदेश में सिर्फ तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
अगले 2 दिनों में सुबह और रात सर्द होंगी
अगले 24 घंटों के दौरान भी प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। लेकिन अगले 2 दिनों में कुछ स्थानों पर रात और सुबह हल्की ठंड बनी रह सकती है, जबकि दिन के तापमान में मामूली बढ़ोतरी हो सकती है। अनुसार आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री के आसपास रह सकता है।
फरवरी, ठंड के लौटने का माह
रायपुर की बात करें तो जनवरी की तरह फरवरी महीने में भी आसमान आमतौर पर साफ बना रहता है और सतही हवाएं हल्की रहती हैं। हालांकि उत्तर भारत से गुजरने वाले वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से कभी-कभार मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।
इस दौरान बादल छाने के साथ गरज-चमक और बारिश की स्थिति बनती हैं। कुछ मौकों पर आंधी, ओलावृष्टि और तेज हवाएं भी चलती हैं। सर्दियों का असर कम होते ही न्यूनतम तापमान धीरे-धीरे बढ़ने लगता है। कुछ स्थितियों में न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस से नीचे भी चला जाता है। इसके साथ ही कुछ वर्षों में फरवरी महीने में अच्छी बारिश भी रिकॉर्ड की गई है।