
सरगुजा संभाग के बलरामपुर जिले और रायगढ़ में भी मौसम ने अचानक करवट ली और दोपहर बाद तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। वाड्रफनगर सहित आसपास के इलाकों में ओलावृष्टि भी हुई, जिससे खेतों में खड़ी गेहूं और सरसों की फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
मौसम के इस बदलाव से किसानों की चिंता बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक यही स्थिति बने रहने की संभावना है। कहीं-कहीं बारिश के साथ आंधी-तूफान की स्थिति भी बन सकती है।
इसके अलावा अगले 7 दिनों के दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक तापमान राजनांदगांव में 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 12 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का मजबूत क्षेत्र
बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में कम दबाव का मजबूत क्षेत्र बना हुआ है। इसका मतलब यह है कि वहां हवा तेजी से उस क्षेत्र की ओर खींच रही है और ऊपर तक (लगभग 6 किमी ऊंचाई तक) बादल बनने की स्थिति मजबूत है।
यह सिस्टम पहले पश्चिम-उत्तर दिशा में थोड़ा बढ़ेगा और फिर उत्तर-पूर्व की ओर मुड़ सकता है। अगले 48 घंटों तक यह सक्रिय बना रहेगा।