
बताया जा रहा है कि, तहसील कोर्ट से दस्तावेज की प्रमाणित नकल समय पर नहीं मिलने से वकील नाराज थे। कुछ वकीलों ने कार्यालय परिसर में जमकर विरोध प्रदर्शन भी किया। किस वकील ने हंगामा किया, ये अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। तहसीलदार राममूर्ति दीवान ने दोनों पक्षों से पूछताछ की बात कही है।
जानिए क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के मुताबिक, वकील हाईकोर्ट में अपील दायर करने के लिए जरूरी दस्तावेज की नकल मांग रहे थे। आरोप है कि तय समय में कॉपी उपलब्ध नहीं कराई गई और पैसों की मांग की गई। इसी बात को लेकर वकीलों और कर्मचारियों के बीच तीखी बहस हो गई, जो बाद में हंगामे में बदल गई।
हंगामे के बीच तहसीलदार को भी बोले गए अपशब्द
आरोप है कि, इस दौरान कुछ वकीलों ने बदसलूकी की और अवैध वसूली जैसे आरोप लगाए। हंगामे के बीच तहसीलदार के लिए अपशब्द भी बोले गए। एक कर्मचारी से बार-बार उसका नाम, जाति पूछे जाने और मारपीट की धमकी देने का आरोप भी लगाया गया है। बदसलूकी करने वाले वकील कौन है यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।
मंत्री टंकराम वर्मा पर भी पैसे लेने के लगाए आरोप
वहीं, वायरल वीडियो में हंगामे के दौरान मंत्री टंकराम वर्मा पर भी पैसे लेने के आरोप लगाए गए है। घटना एक दिन पहले की बताई जा रही है, जिसका वीडियो अब सामने आया है। फिलहाल तहसील कार्यालय और वकील संघ के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है।
पैसों की मांग करना पूरी तरह गलत- वकील
इस मामले में वकील भगवानू नायक ने कहा कि, राजस्व विभाग ने तहसील ऑफिस में आम जनता अपने रोजमर्रा से जुड़े मामलों के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में काम करने के बहाने अलग से पैसों की मांग करना पूरी तरह गलत है। ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ सख्त एक्शन होना चाहिए।