
विधानसभा में पेश किए गए लिखित आंकड़े राज्य में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान और सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों की पूरी तस्वीर दिखाते हैं।
विपक्ष के नेता चरणदास महंत के सवाल के लिखित जवाब में डिप्टी सीएम और गृहमंत्री शर्मा ने विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 1 जनवरी 2020 से 31 जनवरी 2026 तक:
- 4,340 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया।
- 3,644 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया।
- 666 नक्सली अलग-अलग मुठभेड़ों में मारे गए।
इन कार्रवाइयों के दौरान 671 हथियार मुठभेड़ों के बाद बरामद हुए। वहीं, गिरफ्तार नक्सलियों से 80 और आत्मसमर्पण करने वालों से 238 हथियार मिले।
बरामद हथियारों में AK-47, SLR और इंसास शामिल
सरकार के मुताबिक, बरामद कुल हथियारों में 70 एके-47 राइफल, 82 सेल्फ लोडिंग राइफल (SLR) और 75 INSAS राइफल शामिल हैं। इसके अलावा अन्य छोटे-बड़े आग्नेयास्त्र भी जब्त किए गए हैं।
सुरक्षा बलों से 48 हथियार लूटे गए
डिप्टी सीएम ने यह भी बताया कि 1 जनवरी 2019 से 31 जनवरी 2026 के बीच नक्सलियों ने पुलिस और सुरक्षा बलों से 48 हथियार लूटे।
इनमें 29 AK-47 राइफल, 7 INSAS राइफल, 2 SLR राइफल, 2 SLR LMG, 3 पिस्टल (9 एमएम) शामिल हैं।
विपक्ष ने मांगा था पूरा ब्योरा
दरअसल, नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने 2019-20 से 31 जनवरी 2026 तक का पूरा डेटा मांगा था। उन्होंने यह भी पूछा था कि इस दौरान कितने नक्सली मारे गए, कितनों ने सरेंडर किया, कितनों को गिरफ्तार किया गया और उनसे किस प्रकार के हथियार बरामद हुए।
सरकार की ओर से दिए गए इन आंकड़ों को नक्सल मोर्चे पर चल रही रणनीति और सुरक्षा बलों की कार्रवाई से जोड़कर देखा जा रहा है।
विधानसभा में पेश हुए ये आंकड़े बताते हैं कि एक तरफ बड़ी संख्या में नक्सली सरेंडर कर रहे हैं, तो दूसरी ओर सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ और हथियारों की बरामदगी का सिलसिला भी जारी है।