
जहां हादसा हुआ कुरकुट नाला का पुल संकरा है। दोनों गाड़ी के ड्राइवर ने अनुमान लगाया कि वे पहले गाड़ी निकाल लेंगे। लेकिन स्पीड कंट्रोल नहीं होने के कारण दोनों की भिंड़त हुई, और ट्रकों में आग लग गई।
टक्कर के बाद एक ड्राइवर केबिन में फंस गया, बाहर नहीं निकल पाया और जिंदा जल गया। वहीं दूसरे गाड़ी के ड्राइवर ने कूदकर अपनी जान बचा ली। घटना के 3 घंटे बाद आग पर काबू पाया गया। केबिन में फंसे ड्राइवर के जले शव को बाहर निकाला गया। इस दौरान यातायात प्रभावित हुआ था।
गाड़ियों में सरिया और कोयला लोड था
DSP सुशांतो बनर्जी के मुताबिक, एक ट्रक जामपाली माइंस से बालोद रेल्वे साइडिंग तक कोयला लेकर जा रही थी। दूसरी ट्रक में सरिया लोड था। वह बालोद से जामपाली की ओर जा रही थी।
दोनों गाड़ियों के ड्राइवरों ने पहले गाड़ी निकालने के चक्कर में आमने सामने टकरा गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि, कुछ ही मिनटों में दोनों गाड़ियों में आग लग गई। दोनों वाहनों के ड्राइवर केबिन में अंदर फंस गए थे। उन्हें बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका।
फायर ब्रिगेड ने पाया काबू
इनमें एक ट्रक ड्राइवर की जिंदा जलकर मौत की पुष्टि हो चुकी है। मृतक की पहचान कमल प्रसाद के रुप में हुई है। वह विपुल कंपनी में कार्यरत था। दूसरे ड्राइवर ने कूदकर अपनी जान बचाई थी। इसकी स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।
सूचना के बाद मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पा लिया। जली गाड़ियों को हटाकर पुल से आवागमन शुरू कर दिया गया है।