
कलेक्टर ने अस्पताल की आंतरिक व्यवस्थाओं को और अधिक सुव्यवस्थित करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। उन्होंने वर्तमान रसोईघर को निर्धारित स्थान पर स्थानांतरित करने और वहां स्वच्छता के उच्च मानक बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही, मरीजों को दिए जाने वाले भोजन की नियमित निगरानी और रजिस्टर संधारण अनिवार्य किया गया है।
गर्भवती महिलाओं मिलें गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं
इसके अतिरिक्त, मेजर ऑपरेशन थिएटर (ओटी) को निर्धारित मानकों के अनुरूप स्थानांतरित करने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने एएनसी (ANC) वार्ड का विशेष भ्रमण किया और कहा कि गर्भवती महिलाओं को न केवल गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिलें, बल्कि उनकी उचित देखभाल भी सुनिश्चित की जाए। वार्ड में मरीजों की जागरूकता के लिए सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) सामग्री प्रदर्शित करने को भी कहा गया।
अस्पताल में हो सभी दवाइयां हो उपलब्ध और ऑपरेशन थिएटर के सभी उपकरण हो ठीक
कलेक्टर यादव ने यह भी स्पष्ट किया कि अस्पताल में दवाइयों की कोई कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि नियमित दवाइयों के साथ-साथ असंक्रामक रोगों से संबंधित दवाइयां भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें। ऑपरेशन थिएटर के सभी उपकरण चालू स्थिति में होने चाहिए और संपूर्ण अस्पताल परिसर में साफ-सफाई की चाक-चौबंद व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
मरीजों के परिजनों से सभी स्वास्थ्य कर्मचारी रहे विनम्र
कलेक्टर ने अपने संदेश में कहा, “अस्पताल में आने वाला हर मरीज और परिजन पहले से ही परेशान होता है। स्वास्थ्य अमला उनके साथ विनम्र और सहयोगात्मक व्यवहार करे ताकि उन्हें मानसिक संबल मिल सके।” अस्पताल भ्रमण के दौरान उन्होंने स्वयं मरीजों के परिजनों से चर्चा कर अस्पताल द्वारा दी जा रही सुविधाओं का फीडबैक भी लिया।