
इस मामले में पुलिस पहले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें बीजेपी नेता विनायक ताम्रकर निवासी तेमरापारा दुर्ग, विकास बिश्नोई निवासी मतोड़ा जिला जोधपुर राजस्थान, मनीष उर्फ गोलू ठाकुर निवासी समोदा शामिल हैं। तीनों को 7 मार्च को गिरफ्तार किया गया था।
घटना के बाद कुछ आरोपी राजस्थान भाग गए थे। वहां मोबाइल फोन बंद कर छिपे हुए थे। जरूरत पड़ने पर ही मोबाइल चालू करते थे, इसी कारण चौथे आरोपी तक पहुंचने में पुलिस को समय लगा। मामले में एक आरोपी अब भी फरार है।
विनायक ताम्रकर, विकास बिश्नोई, मनीष ठाकुर की न्यायिक रिमांड आज खत्म हो रही है। ऐसे में आज शाम या कल पुलिस तीनों आरोपियों को दोबारा कोर्ट में पेश कर सकती है। बताया जा रहा है कि केस की कड़ियां जोड़ने के लिए विनायक ताम्रकर की पुलिस कस्टडी जरूरी मानी जा रही है।
6 मार्च को सामने आया था पूरा मामला
मामला पुलगांव थाना क्षेत्र की जेवरा-सिरसा चौकी के अंतर्गत ग्राम समोदा, झेनझरी, सिरसा के बीच स्थित खेतों का है। 6 मार्च को सरपंच से सूचना मिली थी कि खेतों में अवैध रूप से अफीम की खेती की जा रही है। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची।
जांच में खेतों में मक्का-भुट्टा की फसल के बीच अफीम के पौधे लगे मिले। शक से बचने के लिए अफीम के पौधे मक्का की फसल के बीच लगाए गए थे। पुलिस ने करीब 5 एकड़ 62 डिसमिल जमीन में लगी अफीम की फसल जब्त की। जब्त फसल की अनुमानित कीमत करीब 8 करोड़ रुपए बताई गई।
नकद राशि और मोबाइल फोन जब्त
गिरफ्तारी के समय आरोपी के पास से 2220 रुपए नकद और एक स्मार्टफोन जब्त किया गया। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है, ताकि अवैध खेती से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी मिल सके। इससे पहले की कार्रवाई में पुलिस खेती में इस्तेमाल कई वाहन और मशीनें भी जब्त कर चुकी है।
इनमें दो ट्रैक्टर, दो जेसीबी, दो मोटरसाइकिल, एक हार्वेस्टर समेत खेती के उपकरण शामिल हैं। इनकी कुल कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपए आंकी गई है।