छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के उद्योगों में लगातार हो रही घटनाओं और मजदूरों की मौत के मामलों को गंभीरता से लिया गया

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के उद्योगों में लगातार हो रही घटनाओं और मजदूरों की मौत के मामलों को गंभीरता से लिया गया है। जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आने पर औद्योगिक सुरक्षा और स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की। इसके बाद श्रम न्यायालय में केस दर्ज किए गए, जहां अदालत ने 5 उद्योगों पर कुल 13 लाख 96 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया है।

औद्योगिक सुरक्षा और स्वास्थ्य विभाग के उपसंचालक राहुल पटेल ने बताया कि जिले की कई फैक्ट्रियों में दुर्घटनाएं हुई थीं। इन घटनाओं के बाद विभागीय टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। निरीक्षण के दौरान कई जगहों पर सुरक्षा मानकों का उल्लंघन और लापरवाही सामने आई।

जांच में लापरवाही मिलने पर संबंधित उद्योगों के खिलाफ कारखाना अधिनियम 1948, छत्तीसगढ़ कारखाना नियमावली 1962, भवन और अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम 1996 और छत्तीसगढ़ भवन व अन्य सन्निर्माण कर्मकार नियम 2008 के प्रावधानों के तहत आपराधिक प्रकरण श्रम न्यायालय में दर्ज किए गए।

मामलों की सुनवाई के बाद श्रम न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए पांच उद्योगों पर कुल 13 लाख 96 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया।

सुरक्षा मानकों की लगातार हो रही अनदेखी

उपसंचालक राहुल पटेल ने बताया कि रायगढ़ जिले के कारखानों की लगातार जांच की जा रही है, ताकि उद्योगों में सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके। इसके बावजूद कई जगहों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आ रही है, जिसके चलते ऐसे मामलों में श्रम न्यायालय में केस दर्ज किए गए।

इन उद्योपरगों लगाया गया जुर्माना

  • मेसर्स नवदुर्गा फ्यूल प्रा.लि., सराईपाली – 2 लाख 30 हजार रुपए
  • मेसर्स अग्रोहा स्टील प्रा.लि., ग्राम पाली (दो मामले) – 8 लाख रुपए
  • मेसर्स विष्णु ब्रिक्स, ग्राम उपरकछार जिला जशपुर – 3 लाख 50 हजार रुपए
  • मेसर्स इंड सिनर्जी, ग्राम कोटमार – 8 हजार रुपए
  • मेसर्स एजी कंस्ट्रक्शन, महापल्ली – 8 हजार रुपए
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