
दोनों आरोपी मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले है, जो बेमेतरा जिले में रह रहे थे। इस मामले में पहले ही चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें विकास बिश्नोई, विनायक ताम्रकार, मनीष उर्फ गोलू ठाकुर, छोटू राम शामिल हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की।
पूछताछ के दौरान विकास बिश्नोई ने कई अहम जानकारियां दी, उसने बताया कि अवैध तरीके से उगाई गई अफीम से तैयार डोडा कुछ लोग खरीद लेते थे। बाद में उसे होटल और ढाबों में छिपाकर रखा जाता था, फिर मौका मिलने पर बिक्री की जाती थी। आगे तैयार होने वाली अफीम की खरीद की तैयारी भी यहीं से होती थी।
आरोपी के बयान और तकनीकी सबूतों के आधार पर पुलिस ने 15 मार्च को बेमेतरा–सिमगा रोड स्थित ग्राम कठिया में छापेमारी की। यहां श्री रामदेव होटल और राजस्थानी हाईवे ढाबा को निशाना बनाया गया।
छापेमारी के दौरान आरोपी रणछोड़ राम उर्फ रणजीत के होटल के कमरे से 304 ग्राम अफीम डोडा, 1 लाख 29 हजार रुपए कैश, एक मोबाइल बरामद हुआ। वहीं आरोपी सुनील देवासी के पास से अफीम डोडा को चुक्की बनाने में इस्तेमाल होने वाली मिक्सी (जार सहित) और एक मोबाइल फोन मिला। इसके बाद दोनों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
राजस्थान के बालोतरा जिले के निवासी
पुलिस के अनुसार रणछोड़ राम उर्फ रणजीत की उम्र करीब 50 साल है। वह राजस्थान के बालोतरा जिले के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के ग्राम कुड़ी का निवासी है। फिलहाल बेमेतरा जिले के ग्राम कठिया में रह रहा था।
दूसरा आरोपी सुनील देवासी करीब 28 साल का है। वह भी उसी गांव का निवासी है। फिलहाल ग्राम कठिया में रह रहा था।
नेटवर्क में अन्य लोगों की तलाश
पुलिस का कहना है कि मामले में जांच जारी है। नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की कोशिश जारी है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि अवैध अफीम की सप्लाई किन-किन जगहों तक हो रही थी।