अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब भारत में भी देखने को मिल रहा

Chhattisgarh Crimesअमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब भारत में भी देखने को मिल रहा है। छत्तीसगढ़ समेत देश के कई हिस्सों में LPG गैस सिलेंडर की कमी महसूस की जा रही है। गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी कतारें लग रही हैं और कई जगहों पर सिलेंडर की कालाबाजारी और जमाखोरी की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।

बिलासपुर, रायगढ़ सहित कई जिलों में सुबह से ही गैस एजेंसियों और गोदामों के बाहर उपभोक्ताओं की भीड़ जुट रही है। लोग तेज धूप में घंटों खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई बंद होने से अब होटल-ढाबों में कोयले की भट्टी और लकड़ी का उपयोग किया जा रहा है।

इस वजह से लकड़ी और कोयले की डिमांड बढ़ गई है। बिलासपुर में कई लोगों का कहना है कि ऑनलाइन बुकिंग के बावजूद नंबर नहीं लग पा रहा है, जिसके कारण उन्हें समय पर सिलेंडर नहीं मिल रहा। मजबूरी में कुछ उपभोक्ताओं को 1500 रुपए तक देकर ब्लैक में गैस सिलेंडर खरीदना पड़ रहा है। वहीं रायपुर, भिलाई और अंबिकापुर में भीड़ पहले की तुलना में कम हुई है।

एजेंसी संचालकों का कहना है कि गैस सिलेंडर का स्टॉक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और सप्लाई भी लगातार आ रही है। उपभोक्ताओं से घबराने या जल्दबाजी में एजेंसी पहुंचने के बजाय अपनी बुकिंग के अनुसार सिलेंडर लेने की अपील की जा रही है।

रायपुर के लाखे नगर स्थित जय माताजी भोजनालय के संचालक सुरेश पहलाजानी ने बताया कि युद्ध की वजह से जब से कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित हुई है, तब से वे अपने भोजनालय में खाना बनाने के लिए कोयला भट्टी का इस्तेमाल कर रहे हैं।

पहलाजानी का कहना है कि करीब 10 साल पहले भी वे कोयला भट्टी का ही उपयोग करते थे। मौजूदा हालात को देखते हुए उन्होंने फिर से उसी व्यवस्था को अपनाया है और उनका मानना है कि भविष्य में भी वे कोयला भट्टी का ही इस्तेमाल करते रहेंगे।होटलों में डीजल भट्टी और लकड़ी का उपयोग

अंबिकापुर में होटलों में कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिलने के कारण मेन्यू में कटौती की गई है। होटलों में डीजल भट्टी और लकड़ी का उपयोग किया जा रहा है।

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