रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ में थाना परिसर की जमीन पर प्रस्तावित JMFC न्यायालय भवन निर्माण को लेकर पुलिसकर्मियों के परिवारों ने विरोध शुरू कर दिया

Chhattisgarh Crimesरायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ में थाना परिसर की जमीन पर प्रस्तावित JMFC न्यायालय भवन निर्माण को लेकर पुलिसकर्मियों के परिवारों ने विरोध शुरू कर दिया है। बड़ी संख्या में महिलाएं और पुलिस परिवार के सदस्य पुलिस अधीक्षक कार्यालय रायगढ़ पहुंचकर पुलिस अधीक्षक, एसडीएम और अन्य अधिकारियों के नाम ज्ञापन सौंपा।

जिसमें बताया कि, धरमजयगढ़ राज परिवार की तरफ से साल 1929 से यह जमीन थाना संचालन के लिए दी गई थी। इस भूमि पर वर्तमान में थाना भवन, पुलिस अनुविभागीय कार्यालय, पुलिसकर्मियों के बैरक, पुलिस परिवारों के लिए शासकीय आवास और 27 कमरों की कॉलोनी मौजूद है।

इसके अलावा परिसर में पुलिस ग्राउंड और मंदिर भी बना हुआ है, जिसका उपयोग अधिकारी-कर्मचारी और उनके परिवार करते हैं।

2012 में राजस्व अभिलेख में दर्ज

पुलिस परिवार का कहना है कि, इस जमीन का सीमांकन और निरीक्षण 1949 से लगातार होता रहा है। बाद में 9 अगस्त 2012 को तहसील कार्यालय की तरफ से राजस्व अभिलेख में इसे थाना धरमजयगढ़ के अधीन दर्ज किया गया था। इसके बावजूद बिना जानकारी दिए इस जमीन पर न्यायालय भवन निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया है।

फर्जी तरीके से प्रस्ताव भेजने का आरोप

पुलिस परिवार ने आरोप लगाया है कि, राजस्व निरीक्षक द्वारा इस भूमि को नजूल भूमि बताकर JMFC न्यायालय भवन निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। उनका कहना है कि यह प्रस्ताव बिना पुलिस विभाग को जानकारी दिए तैयार किया गया है।

दूसरे कार्यालय का निर्माण नहीं होने देंगे

पुलिस परिवारों ने साफ कहा है कि, इस जमीन पर लगभग 100 साल से पुलिस विभाग का कब्जा है और यहां पुलिस कर्मचारी व उनके परिवार रह रहे हैं। ऐसे में वे इस भूमि पर किसी अन्य विभाग या संस्था का कार्यालय बनने नहीं देंगे।

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