कोंडागांव जिले में वन विभाग ने तेंदुए की खाल तस्करी के एक बड़े मामले का पर्दाफाश किया

Chhattisgarh Crimesकोंडागांव जिले में वन विभाग ने तेंदुए की खाल तस्करी के एक बड़े मामले का पर्दाफाश किया है। वाइल्ड लाइफ सेंचुरी रायपुर की उड़नदस्ता और वनमंडलाधिकारी केशकाल की संयुक्त टीम ने फरसगांव-बड़ेडोंगर मार्ग पर 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

वन विभाग ने आरोपियों को पकड़ने के लिए एक सुनियोजित रणनीति अपनाई। एक कर्मचारी के माध्यम से तेन्दुआ खाल खरीदने का सौदा तय किया गया। ग्राम बैलगांव के पास तय स्थान पर बाइक (CG 04DK 0533) पर दो आरोपी बोरी में तेन्दुआ खाल लेकर पहुंचे। उनके पीछे एक ईको वाहन (CG 17KZ 2755) में 5 सहयोगी भी आए थे।

इस कार्रवाई के दौरान जब्त की गई तेन्दुआ खाल की लंबाई 195 सेमी और चौड़ाई 45 सेमी पाई गई। शुरुआती पूछताछ में खुलासा हुआ कि, लगभग 7 महीने पहले भरमार बंदूक से तेन्दुए का शिकार किया गया था। शिकार के बाद खाल को सुखाकर बेचने के लिए रखा गया था।

मुख्य आरोपी के पास से भरमार बंदूक भी बरामद

पूछताछ के आधार पर मुख्य आरोपी सहित दो अन्य लोगों को 20 मार्च की सुबह ग्राम बोरावण्ड, थाना बेनूर, जिला नारायणपुर से गिरफ्तार किया गया। मुख्य आरोपी के पास से एक भरमार बंदूक भी बरामद की गई है।

सभी आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 (संशोधित 2022) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। वन विभाग ने इस कार्रवाई को वन्यजीव संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण बताया है। विभाग ने अवैध शिकार और तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।

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