
मामला लालबाग थाना क्षेत्र की सुकुलदेहन पुलिस चौकी का है। दरअसल पुलिस को 8 जनवरी को एक शिकायत मिली थी, जिसके बाद मामले की जांच शुरू की गई। जांच में सामने आया कि आरोपी डेविड चाको अपने निवास पर प्रार्थना सभाओं की आड़ में लोगों को इकट्ठा करता था।
वह उन्हें तरह-तरह के लालच देकर धर्म परिवर्तन के लिए उकसाता था। पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी बिना वैधानिक अनुमति के आश्रम का संचालन कर रहा था और वहां नाबालिग बच्चों को भी रखा गया था।
आरोपी के कब्जे से धर्मांतरण से जुड़ी प्रचार सामग्री बरामद
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में प्रचार सामग्री और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। इनमें लैपटॉप, मोबाइल फोन, सोलर चार्ज्ड प्रोजेक्टर, चर्च से संबंधित रजिस्टर, सदस्यता सूची, ‘PAUL’ एप्लीकेशन फॉर्म और ट्रेनिंग डॉक्यूमेंट्स शामिल हैं।
भविष्य में धर्मांतरण की योजना से जुड़े आपत्तिजनक दस्तावेज और पुस्तकें भी जब्त की गई हैं। राजनांदगांव पुलिस के अनुसार इस मामले में विदेशी फंडिंग की प्रबल संभावना है। नेटवर्क की गहराई का पता लगाने के लिए आरोपी के बैंक खातों की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है
धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत मामला दर्ज
राजनांदगांव पुलिस ने आरोपी डेविड चाको के विरुद्ध छत्तीसगढ़ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3, 4, 5 और BNS की धारा 299 के तहत मामला दर्ज किया है। उसे 21 मार्च को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से पुलिस रिमांड की मांग की गई है। पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य तार और सहयोगियों की संलिप्तता की जांच कर रही है।
पहले भी विवादों में रहा डेविड चाको
आरोपी डेविड चाको का पूर्व में भी विवादों से नाता रहा है। नेहरू नगर स्थित उसके निवास पर कुछ समय पहले धर्मांतरण और प्रार्थना सभाओं को लेकर हंगामा हुआ था।
उस विवाद के बाद उसने अपनी गतिविधियों का केंद्र बदलकर धर्मापुर स्थित एक निजी भवन को बना लिया था। वह स्वयं को ‘पेंटाकोस्टल चर्च बिलासपुर’ का प्रतिनिधि बताकर इन गतिविधियों का संचालन कर रहा था।