पाकिस्तान बॉर्डर से ड्रग्स लाकर रायपुर में बेचने वाले 4 तस्कर पंजाब से पकड़ाए

Chhattisgarh Crimesपाकिस्तान बॉर्डर से ड्रग्स लाकर रायपुर में बेचने वाले 4 तस्कर पंजाब से पकड़ाए हैं। पाकिस्तान से सटे सीमावर्ती इलाके से आरोपी 1200-1300 रुपए प्रति ग्राम कीमत पर हेरोइन खरीदते थे, पहले उसे पंजाब पहुंचाते थे, फिर ट्रक ड्राइवरों की मदद से और कुरियर के जरिए देश भर के कई राज्यों में भेजते थे। ये काम पूरा सिंडिकेट करता था।

छत्तीसगढ़ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सिंडिकेट के 4 आरोपियों को पंजाब से गिरफ्तार कर लिया। ट्रक ड्राइवरों की मदद से ड्रग्स रायपुर पहुंचता था। यहां से कुरियर के जरिए लोगों के घर तक पहुंचाया जाता था। यहां 6000-8000 रुपए प्रति ग्राम कीमत पर हेरोइन बेचते थे। बता दें कि पुलिस ने 3 महीने पहले 9 सप्लायर्स को पकड़ा था। उनके कब्जे से पंजाब से लाई गई 80 लाख की हेरोइन जब्त की गई थी।

अब पढ़िए पूरी कहानी

पंजाब से पकड़ाए तस्करों के खिलाफ रायपुर के कबीर नगर और आमानाका थाने में NDPS का मामला दर्ज था। पुलिस इनकी तलाश कर रही थी। नेटवर्क का पता चलते ही 2 थानों की पुलिस और साइबर सेल टीम 21 मार्च को पंजाब पहुंची। जहां से तस्करों को गिरफ्तार कर लिया गया। इनके कब्जे से 2 लाख कीमत की 12 ग्राम हेरोइन मिली है।

हथियार के दम पर हेरोइन का कारोबार

आरोपियों में कवलजीत सिंह पन्नू, तरसेम सिंह, विक्की सिंह और जनक राज शामिल हैं। गिरफ्तारी के वक्त आरोपी के पास से पुलिस ने बरेटा पिस्टल और जिंदा कारतूस बरामद किया है। इससे साफ है कि यह सिंडिकेट हथियारों के दम पर हेरोइन का कारोबार कर रहा था। रायपुर पुलिस उनसे आगे की पूछताछ कर रही है।

सिंडिकेट का मास्टर माइंड पन्नू

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में सबसे मुख्य नाम कवलजीत सिंह पन्नू का है। पुलिस ने इसे ‘टियर-1’ सप्लायर माना है, जो सीधे पाकिस्तान से सटे सीमावर्ती क्षेत्रों के नेटवर्क से हेरोइन खरीदता था। पन्नू पहले भी रायपुर और पंजाब की जेलों में रह चुका है।

कुरियर पार्सल के जरिए लोगों के घरों तक पहुंचाते

ड्रग्स पाकिस्तान बॉर्डर से पंजाब पहुंचाया जाता था। वहां से ट्रक ड्राइवरों की मदद से अन्य राज्यों में भेजा जाता था। रायपुर में भी ट्रक के जरिए ड्रग्स पहुंचता। यहां ये कुरियर के जरिए पार्सल लोगों के घरों तक भेजा जाता। यह भी खुलासा हुआ है कि तस्कर पार्सल भेजने के बाद वीडियो बनाकर खरीरदारों के मोबाइल पर भेजते थे।

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