
पहला मामला: पुलिस के अनुसार, साइबर ठगों ने पचपेड़ी नाका आम्रपाली सोसाइटी के निवासी डेंटिस्ट डॉ. गुलाबचंद बैज को ‘VIP23 Stock Market Strategy’ नाम के व्हाट्सएप ग्रुप पर जोड़ा। उन्हें विश्वास दिलाया कि ‘FARLEY LLC’ ऐप के माध्यम से निवेश करने पर भारी मुनाफा होगा।
डॉक्टर से पैसे निवेश कराए और बदले में दो किस्तों में 1 लाख रुपए वापस भेजकर उनका भरोसा जीत लिया। इसके बाद डॉक्टर ने 25 फरवरी से 14 मार्च के बीच अलग-अलग किस्तों में कुल 38.50 लाख रुपए ठगों के बताए खातों में ट्रांसफर कर दिए।
1 लाख वापस मिलने के बाद डॉक्टर को कुल 37.50 लाख रुपए का आर्थिक नुकसान हुआ है। जब उन्होंने बाकी पैसे निकालने चाहे, तो ठगों ने संपर्क तोड़ दिया।
स्क्रीन शेयर करते ही अकाउंट साफ
दूसरा मामला: अमलीडीह निवासी रिटायर्ड सिंचाई अधिकारी रविप्रकाश सोनी ने 9 मार्च को अपने पेटीएम वैलेट में फंसे पैसे निकालने के लिए गूगल पर कस्टमर केयर का नंबर सर्च किया। सर्च में मिले नंबर पर कॉल करने पर सामने वाले ने खुद को कर्मचारी बताया और व्हाट्सएप पर स्क्रीन शेयर करने को कहा।
जैसे ही उन्होंने स्क्रीन शेयर किया, ठग ने उनके मोबाइल का एक्सेस ले लिया और यूनियन बैंक खाते की जानकारी हासिल कर ली। देखते ही देखते दो किस्तों में 70,000 रुपए खाते से पार कर दिए गए।
पुलिस ने शुरू की जांच
पीड़ितों की शिकायत पर न्यू राजेंद्र नगर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। न्यू राजेंद्र नगर थाना प्रभारी नरेंद्र कुमार मिश्रा ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर उनकी तलाश की जा रही है।