
यह घटना धमतरी जिले के वन परिक्षेत्र केरेगांव के बांसीखाई बीट के आरक्षित वन कक्ष क्रमांक 121 में सामने आई। यहां जंगल में लगभग 3 से 4 वर्ष की एक नर नीलगाय मृत पाई गई।मृत नीलगाय के गर्दन, पेट और पिछले हिस्से में तीर लगे हुए थे, जिससे शुरूआती तहकीकात में यह शिकार का मामला लगा। वन परिक्षेत्र अधिकारी और वन अमले को सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचे और शिकारियों की तलाश शुरू की।
शिकारियों का पता लगाने के लिए उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व, गरियाबंद से डॉग स्क्वॉड बुलाया गया। डॉग स्क्वॉड ने तीर को सूंघकर आरोपी मन्नू पिता लहर सिंह, निवासी ग्राम डोकाल के घर तक पहुंचाया। इससे मन्नू द्वारा नीलगाय का शिकार किए जाने की पुष्टि हुई।
आरोपियों के खिलाफ वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत कार्रवाई की गई है। आरोपी मन्नू और अन्य शिकारियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा
धमतरी के डीएफओ ने बताया कि वन्यप्राणियों के अवैध शिकार और वन अपराधों को रोकने के लिए वन अमले, वनमंडल स्तर पर गठित उड़नदस्ता स्ट्राइक फोर्स और गुप्तचरों के माध्यम से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने वन क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों और आम नागरिकों से भी अपील की है कि ऐसे अपराधों को रोकने में सहयोग करें। किसी भी वन अपराध की जानकारी मिलने पर अपने नजदीकी वन परिक्षेत्र कार्यालय के रेंजर या अन्य स्टाफ को सूचित करें, सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा।