
एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) और तेलीबांधा पुलिस ने यह कार्रवाई की है। इससे पहले अमन के भाई मयंक शर्मा को अरेस्ट किया गया था। अंतर्राज्यीय ठग गिरोह के कई साथी फरार है, जिनकी पुलिस तलाश कर रही है।
ट्रैवल व्यवसायी हरदीप सिंह होरा की शिकायत के मुताबिक, ठगों ने ‘हर्षित अग्रवाल’ बनकर उन्हें फोन किया और लंदन-अमेरिका में होटल बुकिंग का झांसा दिया। 2 मार्च 2026 को आरोपियों ने हरदीप को तेलीबांधा के करेंसी टॉवर स्थित एक को-वर्किंग स्पेस में बुलाया।
आरोपियों ने व्यापारी को डॉलर के बदले भारतीय पैसे देने का झांसा दिया और 19.47 लाख लेकर फरार हो गए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू की और मास्टर माइंड समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
9 राज्यों में 22 वारदातें, 3 करोड़ की ठगी
पुलिस की जांच में सामने आया है कि, आरोपी अमन शर्मा और उसका भाई मयंक शर्मा एक संगठित सिंडिकेट चलाते थे। पूछताछ में आरोपी ने कुबूला है कि उन्होंने महाराष्ट्र, दिल्ली, राजस्थान, तेलंगाना, तमिलनाडु, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में वारदातों को अंजाम दिया है।
इस तरह आरोपी करते थे ठगी
पुलिस के मुताबिक, आरोपी फर्जी नाम से ऑफिस या को-वर्किंग स्पेस किराए पर लेते थे। इसके बाद विदेशी मुद्रा के बदले भारतीय रुपए देने का झांसा देकर ठगी करते थे।
लखनऊ से पुलिस ने रेड मारकर पकड़ा
रायपुर पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपी अमन शर्मा को पश्चिम बंगाल के 24 परगना में ट्रेस किया। जांच में पता चला कि, आरोपी उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित मॉल एवेन्यू रोड अलाया अपार्टमेंट 304 थर्ड फ्लोर थाना हुसैन गंज में छिपा है। एसीसीयू की टीम ने दबिश दी, तो आरोपी अपने फ्लैट में ताला मारकर अंदर छिपा था।
पुलिस ने ताला खुलवाया और आरोपी को हिरासत में लिया। आरोपी के सिंडिकेट में शामिल अन्य आरोपियों की जानकारी पुलिसकर्मी जुटा रहे है। जांच अधिकारियों के अनुसार आरोपियों के सिंडिकेट में देश भर में 18–20 सदस्य है। जो ऑनलाइन कॉलिंग ऐप की मदद से आपस में जुड़े है और मिलकर देश भर में ठगी कर रहे हैं।