
जानकारी के अनुसार, कुछ लोग वनभूमि पर झिल्ली और मिट्टी से अस्थायी मकान बनाकर कब्जा कर रहे थे। शिकायत मिलने पर वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माणाधीन ढांचों को ध्वस्त कर दिया। विभाग का कहना है कि वनभूमि पर अतिक्रमण स्वीकार्य नहीं है और नियमानुसार कार्रवाई की गई है।
इस कार्रवाई में मुन्नी बाई नामक दृष्टिहीन महिला अपने छोटे बच्चों के साथ बेघर हो गई हैं। पीड़ित महिला ने बताया कि उनके पति टीबी से ग्रसित हैं और पारिवारिक परिस्थितियों के कारण उन्हें अलग रहना पड़ रहा था, जिसके चलते वे मजबूरी में वहां रह रही थीं।
घर टूटा, अब रहने की जगह नहीं
मुन्नी बाई ने बताया कि वह दोनों आंखों से नहीं देख सकतीं और उनके छोटे-छोटे बच्चे हैं। उन्होंने कहा कि वन विभाग ने उनका घर तोड़ दिया, जिससे अब उनके पास रहने के लिए कोई जगह नहीं बची है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान उनके घर की लकड़ी भी ले ली गई।
अवैध अतिक्रमण पर नियमानुसार हुई कार्रवाई
वन विभाग के फॉरेस्टर रामायण शर्मा ने बताया कि अवैध अतिक्रमण की शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई की गई है। उन्होंने पुष्टि की कि कब्जा हटाने के साथ ही लकड़ी जब्त की गई है और संबंधित लोगों के खिलाफ वैधानिक प्रक्रिया जारी है।
स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित महिला को तत्काल राहत, आवास और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए।