
कांकेर पुलिस ने आत्मसमर्पण कर चुके माओवादियों से मिली जानकारी के आधार पर अब क्षेत्र में छिपे अन्य माओवादियों से संपर्क शुरू किया है। पुलिस उन्हें समझाकर मुख्यधारा में लाने की कोशिश कर रही है।
जो नक्सली पहले ही सरेंडर कर चुके हैं, उन्होंने भी अपने साथियों से अपील की है कि वे सरकार की पुनर्वास योजना का फायदा उठाकर सामान्य जीवन अपनाएं। कांकेर जिले में अभी भी करीब 14 नक्सली सक्रिय हैं। इनमें डीवीसीएम स्तर के चंदर और रूपी समेत अन्य माओवादी शामिल हैं।
9 नक्सलियों ने आंध्र प्रदेश में किया था सरेंडर
बता दें कि रविवार को आंध्र प्रदेश पुलिस के सामने 48 लाख के 9 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था। इनमें एक सीनियर माओवादी नेता भी शामिल है, जो करीब 36 साल से संगठन में सक्रिय था। सरेंडर करने वाले 8 नक्सली छत्तीसगढ़ के सुकमा और बीजापुर जिलों के रहने वाले हैं।
ये सभी PLGA बटालियन, एरिया कमेटी और अलग-अलग नक्सली यूनिट में एक्टिव थे। आंध्र पुलिस के मुताबिक, सेंट्रल कमेटी मेंबर और आंध्र-ओडिशा बॉर्डर स्पेशल जोनल कमेटी (AOBSZC) के सचिव चेल्लुरी नारायण राव उर्फ सुरेश ने अपने 8 साथियों के साथ डीजीपी के सामने सरेंडर किया है।
25 मार्च को पापाराव ने किया था सरेंडर
25 मार्च को बस्तर में नक्सली लीडर पापाराव समेत 18 नक्सलियों ने सरेंडर किया था। पापाराव बस्तर का आखिरी बड़ा कमांडर था। इसके सरेंडर के बाद कोई बड़ा नक्सली लीडर अब संगठन में नहीं बचा है।
सरेंडर नक्सलियों में 10 पुरुष और 8 महिलाएं शामिल थी। नक्सलियों ने 12 लाख कैश समेत 8 AK-47, 1 SLR, 1 INSAS और अन्य हथियार पुलिस को सौंपा था। इसी दिन ओडिशा में भी 55 लाख के इनामी सुकरू ने अपने साथियों के साथ हथियार डाला था।