
वहीं, रूंगटा कॉलेज में बीसीए की पढ़ाई कर रहे 19 साल के छात्र ने भी सुसाइड कर लिया। मामला स्मृति नगर चौकी क्षेत्र का है। दोनों ही मामले में आत्महत्या की वजह अब तक साफ नहीं है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। बता दें कि बच्चों के सुसाइड मामले में जिले में 15 दिन में यह तीसरी घटना है।
भिलाई के अकलोरडीह इलाके में रहने वाली वीणा ठाकुर (17) 11वीं की छात्रा थी। शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला जरवाय में पढ़ती थी। शनिवार (4 अप्रैल) सुबह करीब 3 बजे पढ़ाई करने के लिए ऊपर कमरे में गई थी।
सुबह करीब 6 बजे परिजनों ने दरवाजा खटखटाया, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। इसके बाद परिजनों और मोहल्ले के लोगों ने दरवाजा तोड़ा तो वीणा दुपट्टे से पंखे के सहारे फंदे पर लटकी मिली।
सुसाइड नोट में लिखा- मुझे माफ कर देना, अब नहीं करूंगी परेशान
पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें वीणा ने अपनी मां, पिता, मामा-मामी और परिवार के बाकी लोगों से माफी मांगी है। उसने लिखा है कि सॉरी मम्मी-पापा, मामा-मामी, अब कभी परेशान नहीं करूंगी। पुलिस सुसाइड नोट और परिवार के बयान के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
बचपन से मामा घर में रह रही थी
मृतका के मामा विष्णु सिंह ने बताया कि, एक दिन पहले शुक्रवार (3 अप्रैल) को वह अपने पिता और रिश्तेदारों से मिलने गई थी और रात में वापस घर लौटी थी। सुबह पढ़ाई के लिए ऊपर गई और कुछ देर बाद उसकी आत्महत्या की खबर मिली।
केस 2 – बीसीए के स्टूडेंट ने किया सुसाइड
कोहका के आर्यनगर वार्ड नंबर-12 निवासी उमेश कुमार साहू ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उमेश के पिता ऑटो ड्राइवर है। वह रूंगटा कॉलेज में कंप्यूटर साइंस सेकेंड ईयर का छात्र था। बीसीए की पढ़ाई कर रहा था। घटना शनिवार (4 अप्रैल) तड़के की बताई जा रही है।
परिजनों के अनुसार, सुबह काफी देर तक उमेश ने कमरे का दरवाजा नहीं खोला तो घर वालों को शक हुआ। दरवाजा धक्का देकर खोला गया तो उमेश पंखे से फंदे पर लटका मिला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।