बिलासपुर में सेवा सहकारी समिति से 28 लाख रुपए से अधिक की धान की हेराफेरी करने का मामला सामने आया

Chhattisgarh Crimesबिलासपुर में सेवा सहकारी समिति से 28 लाख रुपए से अधिक की धान की हेराफेरी करने का मामला सामने आया है। जांच में पता चला कि, समित के अध्यक्ष समेत 3 लोगों ने कागजों में धान की खरीदी कर ली। लेकिन, भौतिक सत्यापन में 919.96 क्विंटल धान कम मिला।

विभागीय रिपोर्ट पर पुलिस ने अध्यक्ष समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, खरीदी प्रभारी और एक अन्य कर्मचारी की भूमिका की जांच की जा रही है। पूरा मामला मस्तूरी थाना क्षेत्र का है।

दरअसल, कलेक्टर संजय अग्रवाल को खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 की धान खरीदी में गतौरा से गड़बड़ी की शिकायतें मिल रही थीं। उनके निर्देश पर जब संयुक्त जांच दल ने केंद्र का भौतिक सत्यापन किया, तो स्टॉक रजिस्टर और गोदाम में रखे धान में अंतर मिला। मौके पर कुल 919.96 क्विंटल धान कम पाया गया, जो शासन के निर्देशों का खुला उल्लंघन है।

अध्यक्ष समेत तीन ने मिलकर किया गबन

पुलिस की जांच में पता चला कि, सेवा सहकारी समिति के प्रबंधक कोमल चंद्राकर, प्राधिकृत अध्यक्ष राजेंद्र राठौर और कंप्यूटर ऑपरेटर हुलेश्वर धीरही ने आपस में मिलीभगत कर धान का गबन किया है। तीनों ने सरकारी रिकॉर्ड में हेराफेरी कर धान की बंदरबांट की, जिससे शासन को 28.51 लाख रुपए का आर्थिक नुकसान हुआ।

पूछताछ में खरीदी केंद्र और एक अन्य का आया नाम

पकड़े गए तीनों आरोपियों ने पूछताछ में अपना जुर्म स्वीकार किया है। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। अब उनके बयान के आधार पर धान खरीदी प्रभारी लव कुमार यादव और एक अन्य व्यक्ति की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। पुलिस दोनों के संलिप्त होने और लेन-देन का सुराग तलाश रही है।

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