
पिछले समय में विभिन्न औद्योगिक इकाइयों में हुए हादसों के बाद विभागीय टीम ने मौके पर जांच की। जांच में पाया गया कि कई उद्योग कारखाना अधिनियम 1948 के प्रावधानों का पालन नहीं कर रहे थे। इसके बाद संबंधित प्रबंधन के खिलाफ श्रम न्यायालय में आपराधिक प्रकरण दर्ज किए गए।
इन उद्योगों पर लगा जुर्माना
श्रम न्यायालय ने मार्च 2026 में सुनवाई के दौरान अलग-अलग मामलों में उद्योग प्रबंधन को दोषी ठहराया
मेसर्स सिंघल स्टील एंड पावर लिमिटेड: 4.20 लाख रुपए
मेसर्स श्याम इस्पात (इंडिया) प्रा. लि.: 50 हजार रुपए
मेसर्स मां काली एलॉयज उद्योग प्रा. लि.: 25 हजार रुपए
दो बड़े मामलों में भारी पेनल्टी
इसके अलावा मेसर्स सुनील इस्पात एंड पावर प्रा. लि.: 5.90 लाख रुपए (दो मामलों में)
मेसर्स रूपणाधाम स्टील प्रा. लि.: 8 लाख रुपए (दो मामलों में)
सुरक्षा नियमों के पालन पर जोर
कुल मिलाकर 5 उद्योगों पर 18.85 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी नियमों के उल्लंघन पर इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि श्रमिकों की सुरक्षा और औद्योगिक मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।